दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। लगातार हो रही भारी बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी ने स्थिति और गंभीर बना दी है। इसका असर कई निचले इलाकों पर दिख रहा है, जहां घरों और बाजारों में पानी घुस गया है।
यमुना नदी का जलस्तर कितना बढ़ा?
बुधवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर 206.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है। यानी नदी का जलस्तर खतरे के स्तर से 1.45 मीटर ऊपर बह रहा है। बढ़ते पानी ने मॉनेस्ट्री मार्केट, यमुना बाजार और निगमबोध घाट को डूबो दिया है।
पानी में डूबे इलाके
बाढ़ जैसे हालातों से सबसे ज्यादा असर ट्रांस-यमुना क्षेत्रों और निचली कॉलोनियों पर पड़ा है।
-
मयूर विहार फेज-1 की गलियों में पानी भर गया है।
-
झरोड़ा कलां गांव और नजफगढ़ क्षेत्र के घर डूब चुके हैं।
-
यमुना बाजार और मॉनेस्ट्री मार्केट पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं।
बाजारों में दुकानें बंद हैं, सड़कों पर पानी का तेज बहाव देखा जा रहा है और कई लोग छतों पर फंसे हुए हैं।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। NDRF की टीमों को यमुना बाजार और अन्य प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत कैंपों में पहुंचाया जा रहा है।
राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को खाना, पानी और जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। हालांकि, कई लोग अब भी अपने घरों में फंसे हुए हैं और नावों की मदद से निकाला जा रहा है।
निगमबोध घाट भी डूबा
दिल्ली का ऐतिहासिक निगमबोध घाट भी यमुना के पानी में डूब चुका है। नदी का उफनता पानी घाट की सीढ़ियों को पार कर ऊपर तक पहुंच गया है। इससे अंतिम संस्कार से जुड़े कामों पर भी असर पड़ा है।
पुराना लोहे का पुल बंद
दिल्ली में जब भी यमुना का जलस्तर बढ़ता है तो सबसे पहले खतरा पुराने लोहे के पुल पर मंडराता है। इस बार भी नदी का पानी पुल के बेहद करीब पहुंच गया है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इस पुल को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। अब इस रास्ते से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
क्यों बिगड़े हालात?
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार सितंबर में भी मॉनसून का असर जारी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और हथिनीकुंड व वजीराबाद बैराज से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी ने दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली में यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर राजधानी के कई हिस्सों में तबाही मचा रहा है। मॉनेस्ट्री मार्केट, यमुना बाजार और निगमबोध घाट पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। NDRF और प्रशासन लगातार राहत कार्यों में जुटा है। लेकिन जब तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे नहीं आता, तब तक दिल्लीवासियों की मुश्किलें कम होने की उम्मीद नहीं है।
One thought on “दिल्ली में बाढ़: यमुना नदी का तांडव, मॉनेस्ट्री मार्केट डूबा, निगमबोध घाट और यमुना बाजार में NDRF तैनात”