नई दिल्ली। दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में लौटी भाजपा सरकार के एक साल पूरे हो गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बनी सरकार ने चुनाव के दौरान कई बड़े वादे किए थे। अब एक साल बाद सवाल उठ रहा है कि कौन-से वादे जमीन पर उतरे और कौन-से अब भी अधूरे हैं।
फ्री बिजली-पानी योजना बरकरार
भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि मुफ्त बिजली और पानी की योजना जारी रहेगी। पहले यह योजना अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने लागू की थी। सत्ता परिवर्तन के बाद भी नई सरकार ने इसे जारी रखा।
मोहल्ला क्लीनिक की जगह ‘आरोग्य मंदिर’
नई सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक मॉडल में बदलाव करते हुए 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का ऐलान किया। एक साल में लगभग 370 आरोग्य मंदिर शुरू किए जा चुके हैं। यहां प्राथमिक इलाज, डॉक्टर की सलाह और जरूरी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
आयुष्मान भारत और वय वंदना योजना लागू
सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू करने की मंजूरी दी। दिल्ली में लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। अब तक करीब 6.7 लाख हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना भी लागू की गई, जिसमें मुफ्त इलाज और डायग्नोस्टिक सेवाएं शामिल हैं।
अटल कैंटीन और मातृत्व सुरक्षा योजना
गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अटल कैंटीन योजना शुरू की। अब तक 71 अटल कैंटीन खोली जा चुकी हैं, जहां पांच रुपये में भोजन दिया जा रहा है। इस योजना के लिए 104.24 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता और पोषण किट देने की शुरुआत की गई है। 83,700 से अधिक महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है और 31.68 करोड़ रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर किए गए हैं।
मुफ्त गैस सिलेंडर योजना अब भी लंबित
चुनाव के दौरान भाजपा ने साल में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया था। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बावजूद योजना अभी लागू नहीं हुई है। सरकार का कहना है कि इसे होली से लागू किया जाएगा। फिलहाल महिलाओं को इस योजना का इंतजार है।
महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह का वादा अधूरा
भाजपा ने महिला समृद्धि योजना के तहत हर महिला को 2500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये बजट में रखे गए हैं और पात्रता तय करने के लिए समिति बनाई गई है। लेकिन एक साल बाद भी योजना शुरू नहीं हो सकी है।
बुजुर्ग पेंशन बढ़ाने का वादा
सरकार ने बुजुर्गों की पेंशन 2000 से बढ़ाकर 2500 रुपये और 70 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए 3000 रुपये करने का वादा किया था। हालांकि यह घोषणा अब तक लागू नहीं हो पाई है।
‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का इंतजार
लाडली योजना को बदलकर ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ करने की घोषणा की गई, जिसमें वार्षिक सहायता राशि 36,000 से बढ़ाकर 56,000 रुपये करने की बात कही गई। लेकिन यह योजना भी अभी पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है।
यमुना सफाई अभियान की स्थिति
चुनाव में यमुना की सफाई बड़ा मुद्दा था। केंद्र सरकार के ‘यमुना मास्टर प्लान’ के तहत चार चरणों में सफाई अभियान शुरू किया गया है। शुरुआती चरण में कचरा और तलछट हटाने, नालों की सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा है। हालांकि, यमुना अब भी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है।
निष्कर्ष
एक साल में रेखा गुप्ता सरकार ने स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं में कुछ अहम कदम उठाए हैं। लेकिन महिलाओं को आर्थिक सहायता, मुफ्त गैस सिलेंडर, पेंशन वृद्धि और यमुना की पूरी सफाई जैसे बड़े वादे अभी अधूरे हैं। आने वाले समय में इन वादों को पूरा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती रहेगा।