दिल्ली-NCR में प्रदूषण का संकट एक बार फिर गहराता जा रहा है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह अधिकतर क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ से ‘सीवियर’ श्रेणी में दर्ज की गई। कई इलाकों में लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और मास्क पहनना मजबूरी बन गया है।
दिल्ली के कई हिस्सों में AQI 450 के पार
CPCB के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद खराब स्तर पर रहा। कम से कम 20 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI ‘सीवियर’ कैटेगरी में दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है।
सबसे प्रदूषित क्षेत्र
-
वजीरपुर – 477
-
जहांगीरपुरी – 451
-
रोहिणी – 449
-
मुंडका – 446
-
अशोक विहार – 444
-
पंजाबी बाग – 439
-
विवेक विहार – 436
-
नेहरू नगर – 431
-
आरके पुरम – 423
-
आनंद विहार – 420
-
चांदनी चौक – 418
-
नॉर्थ कैंपस – 416
-
सिरी फोर्ट – 412
-
द्वारका – 411
-
सोनिया विहार – 410
-
ITO और इंडिया गेट – 400
इन सभी क्षेत्रों में AQI ‘सीवियर’ स्तर पर रहा, जिसका सीधा असर आम जनता की सेहत पर पड़ रहा है।
नोएडा और गाजियाबाद में भी हवा बेहद खराब
दिल्ली के पड़ोसी शहरों में भी हालात बेहतर नहीं हैं।
-
गाजियाबाद में AQI – 430
-
नोएडा में AQI – 408
दोनों ही शहरों में वायु गुणवत्ता लगातार ‘सीवियर’ कैटेगरी में बनी हुई है।
लोगों को सांस लेने में परेशानी, मास्क लगा कर निकलने की सलाह
इंडिया गेट पर सुबह टहलने आए एक व्यक्ति ने कहा कि प्रदूषण के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया,
“इतना धुआं और धुंध है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। मास्क पहनना मजबूरी है और अब बाहर की गतिविधियां भी कम करनी पड़ रही हैं।”
डॉक्टरों का कहना है कि इस स्तर के प्रदूषण में दमा, एलर्जी, आंखों में जलन और सीने में भारीपन की समस्या बढ़ सकती है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्थायी समाधान की मांग तेज
दिल्लीवासियों ने सरकार से प्रदूषण पर गंभीर कदम उठाने की अपील की है। एक स्थानीय निवासी ने कहा,
“ये हाल पिछले 10–15 साल से है। कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आता। दिल्ली में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने की जरूरत है। पराली जलाना नया नहीं है, लेकिन दिल्ली में साल भर हवा खराब रहती है। सरकार को सख्त और लंबे समय के लिए योजना बनानी होगी।”
लोगों का मानना है कि जब तक प्रशासन, उद्योग और आम जनता मिलकर जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, सुधार मुश्किल है।
अगले 48 घंटे और बिगड़ सकते हैं हालात
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-NCR में अगले 48 घंटों तक हवा की रफ्तार बहुत कम रहने वाली है। धीमी हवाओं के कारण प्रदूषित हवा ऊपर नहीं उठ पाएगी, जिससे स्मॉग और घना होने की संभावना है।
GRAP-4 पहले से लागू
दिल्ली में ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-4) के तहत कड़े नियम पहले ही लागू हैं, जिनमें शामिल हैं—
-
निर्माण गतिविधियों पर रोक
-
ट्रक व भारी वाहनों की एंट्री बंद
-
उद्योगों पर सख़्त नियम
हालांकि, अभी तक कोई नई पाबंदी या राहत की घोषणा नहीं की गई है।
क्या करें और क्या न करें? (SEO + उपयोगी जानकारी)
क्या करें
-
घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें
-
पानी अधिक पिएं
-
एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें
-
सुबह-शाम की सैर से बचें
क्या न करें
-
ज्यादा समय तक खुले में न रुकें
-
धूल-धुएं वाली जगहों पर न जाएं
-
बाहर व्यायाम करने से बचें

