दिवाली के बाद पूरे देश में वायु गुणवत्ता में खतरनाक गिरावट आई है। दिल्ली से लेकर कोलकाता और मुंबई तक, सभी प्रमुख शहरों में प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 के पार पहुंच चुका है, जबकि कई अन्य शहरों में भी वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता में तेज गिरावट आई। मंगलवार को दिल्ली का AQI 354 तक पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। मंगलवार की सुबह दिल्ली का AQI 500 को पार कर गया था, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक साबित हो सकता है। दिल्ली के बवाना इलाके में AQI 427 के साथ सबसे अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया।
दिल्ली के अन्य क्षेत्रों जैसे जहांगीरपुरी (407), वज़ीरपुर (408), बवाना (427) और बुराड़ी (402) में भी AQI 400 के पार गया है, जिन्हें ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। जबकि आनंद विहार में AQI 360 रहा।
कोलकाता और हावड़ा में प्रदूषण का संकट
दिवाली के बाद कोलकाता और हावड़ा की वायु गुणवत्ता में भी बुरी तरह गिरावट आई। खासकर काली पूजा के दौरान पटाखों की अधिकता के कारण प्रदूषण का स्तर खतरनाक बढ़ गया। कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल के आसपास AQI 186 दर्ज किया गया, जबकि हावड़ा के बेलूर में यह 364 तक पहुंच गया।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के बाद भी पटाखे फोड़े जाने से इन शहरों में वायु गुणवत्ता और खराब हुई है।
बंगाल में पटाखों का असर
बंगाल के विभिन्न इलाकों में भी वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा। हावड़ा जिले के पद्मापुकुर में AQI 361 और घुसुड़ी में 252 दर्ज किया गया। कोलकाता के बल्लीगंज और जादवपुर में भी AQI क्रमशः 173 और 169 था। पर्यावरणविद् सोमेंद्र मोहन घोष के अनुसार, तेज आवाज वाले पटाखों के इस्तेमाल से प्रदूषण का स्तर और बढ़ा।
मुंबई और अन्य शहरों में प्रदूषण
मुंबई में भी दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ा और AQI 214 के साथ ‘खराब’ श्रेणी में आया। पटना, जयपुर और लखनऊ में भी AQI क्रमशः 224, 231 और 222 के आसपास रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, बेंगलुरु का AQI 94 था, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। हैदराबाद (107) और चेन्नई (153) का AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन
सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में रात 8 बजे से 10 बजे तक हरित पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। हालांकि, कई लोगों ने इस आदेश का उल्लंघन किया और देर रात तक पटाखे फोड़े, जिससे वायु प्रदूषण और बढ़ा।
सरकार की ओर से कदम
वायु गुणवत्ता में हो रही इस बढ़ोतरी को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 2 को पहले ही लागू कर दिया था। इस प्लान के तहत, प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न कदम उठाए जाते हैं, जैसे निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, और वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना।
निष्कर्ष
दिवाली का उत्सव देशभर में प्रदूषण का कारण बन गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और हरित पटाखों की अनुमति के बावजूद, पटाखों की अत्यधिक खपत ने वायु गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाया। वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे का संकेत है, और इसे रोकने के लिए कड़े उपायों की आवश्यकता है।
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