पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में हुए गैंगरेप मामले में पीड़िता के पिता ने ओडिशा सरकार से अपनी बेटी को भुवनेश्वर शिफ्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को पश्चिम बंगाल में जान का खतरा है और वे डर के कारण छुपे हुए हैं। इस बीच, उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने लड़कियों को रात में बाहर न जाने की सलाह दी थी।
दुर्गापुर में गैंगरेप की शिकार एमबीबीएस छात्रा
दुर्गापुर के एक मेडिकल कॉलेज की 23 साल की दलित छात्रा से गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पीड़िता फिलहाल स्थानीय अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। हालांकि, इस घटनाक्रम से जुड़े हुए कई सवाल भी उठ रहे हैं। पीड़िता के पिता ने सरकार से बेटी को भुवनेश्वर शिफ्ट करने की गुहार लगाई है और उनका कहना है कि उन्हें पश्चिम बंगाल में अपनी जान का खतरा है।
पीड़िता के पिता की सुरक्षा को लेकर चिंता
पीड़िता के पिता ने शनिवार को ओडिशा सरकार से संपर्क किया और अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “मैं डर के कारण छुपा हुआ हूं, जबकि मेरी पत्नी अस्पताल में बेटी के पास हैं।” उन्होंने बताया कि जब वे बालासोर से दुर्गापुर पहुंचे, तो ओडिशा प्रशासन की चार सदस्यीय टीम, जिसमें जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्योत्सना मोहंती और एडीएम हेमंत सिंह भी शामिल थे, अस्पताल पहुंची और परिवार को आश्वस्त किया कि ओडिशा सरकार उनके साथ है।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने 36 घंटे के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उन्होंने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। एडीएम हेमंत सिंह ने कहा, “पीड़िता को न्याय मिलेगा और हम इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रहे हैं।” लेकिन इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “लड़कियों को रात में बाहर नहीं जाना चाहिए।”
ममता बनर्जी के बयान पर पीड़िता के पिता का विरोध
पीड़िता के पिता ने ममता बनर्जी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “यह पूरी तरह से झूठ है। मेरी बेटी रात 12 बजे नहीं, बल्कि रात 8 बजे बाहर गई थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस घटना को दबाने की कोशिश कर रही है और उनकी बेटी की सच्चाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि इस तरह के बयान सिर्फ पीड़िता को दोषी ठहराने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं हैं।
बीजेपी सांसद ने ममता सरकार को घेरा
बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और सरकार इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाने के बजाय बस बयानबाजी कर रही है।”
गैंगरेप की घटना की गंभीरता
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 8 बजे पीड़िता अपने एक पुरुष साथी के साथ कॉलेज कैंपस से बाहर गई थी। इस दौरान तीन लोगों ने उसका अपहरण कर लिया और जंगल क्षेत्र में गैंगरेप किया। पीड़िता का साथी मौके से भाग गया और किसी को सूचना नहीं दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।
निष्कर्ष
यह घटना पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पीड़िता के पिता की चिंता और ममता बनर्जी के बयान के बाद इस मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने न केवल दुर्गापुर, बल्कि पूरे राज्य और देश में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को फिर से तूल दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और न्याय की उम्मीद में पीड़िता के परिवार को अब भी अपार उम्मीदें हैं, लेकिन अब यह देखना बाकी है कि राज्य सरकार और पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से हल करती है।

