बलरामपुर धर्मांतरण रैकेट: छांगुर केस में ADM-CO समेत कई अफसर जांच के घेरे में
बलरामपुर (उत्तर प्रदेश):
धर्मांतरण रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के मामले में शासन अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। 2019 से 2024 तक बलरामपुर में तैनात रहे एक तत्कालीन एडीएम, दो सीओ और एक इंस्पेक्टर की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन्हीं वर्षों में छांगुर ने अपना नेटवर्क फैलाया और जिले में धर्मांतरण का गुप्त साम्राज्य खड़ा कर लिया।
पांच करोड़ के दहेज में मिला शोरूम
छांगुर ने उतरौला के मनकापुर रोड पर स्थित एक पांच करोड़ रुपये मूल्य के शोरूम को दहेज में लिया था। यह दहेज उसकी करीबी नीतू उर्फ नसरीन की बेटी से अपने नाती की शादी कराने के बदले में मिला। बाद में खुलासा हुआ कि यह ज़मीन तालाब के रूप में दर्ज थी, जिसे नियमों को ताक पर रखकर कब्जा किया गया।
कोर्ट और जमीन खरीद में भी भ्रष्टाचार के सुराग
12 नवंबर 2023 को नीतू के नाम से जमीन खरीदी गई थी और उसे खतौनी में भी दर्ज करवा लिया गया। लेकिन जांच में सामने आया कि यह सरकारी संपत्ति थी, जिसे पाटने से रोकने के लिए नगर पालिका ने एडीएम को पत्र लिखा था, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस पर गंभीर आरोप, करोड़ों की डील का शक
FIR दर्ज होने के बावजूद छांगुर को बचाने के आरोप कई पुलिस अफसरों पर लगे हैं। गाड़ियों और नकदी के लेन-देन की बातें भी सामने आई हैं। STF और ATS को पहले भी कुछ सबूत मिले थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब ADM, दो CO और एक इंस्पेक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
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नेपाल सीमा तक फैला था धर्मांतरण नेटवर्क
ATS और STF की जांच में पता चला कि छांगुर नेपाल सीमा से सटे 46 गांवों में इस्लामिक मूवमेंट फैलाने की योजना बना रहा था। इसके लिए उसने करीब 10 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग की व्यवस्था की थी।
छांगुर का पुराना जीवन और तेजी से आर्थिक विस्तार
2015 तक छांगुर एक साधारण दुकानदार था, लेकिन 2020 के बाद उसकी लाइफस्टाइल में बड़ा बदलाव आया। वह अब लग्जरी गाड़ियों में चलता है और उसके संपर्क में आए लोगों की संपत्तियों में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हुई। ED इस मामले में आर्थिक जांच कर रही है।
निष्कर्ष: प्रशासनिक मिलीभगत से पनपा रैकेट
छांगुर प्रकरण यह दर्शाता है कि जब प्रशासनिक तंत्र लापरवाह हो जाए तो ऐसे रैकेट पनपते हैं। शासन को अब चाहिए कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उदाहरण प्रस्तुत करे, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

