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पटना अस्पताल में ICU के अंदर फायरिंग: चंदन मिश्रा की हत्या, CCTV में कैद 25 सेकंड की वारदात

कोलकाता से तौसीफ समेत 5 शूटर गिरफ्तार

पटना: बिहार की राजधानी पटना के एक बड़े निजी अस्पताल में उस समय सनसनी फैल गई जब बेउर जेल से इलाज के लिए लाए गए एक कैदी की ICU में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह पूरी वारदात अस्पताल के कमरे नंबर 209 में हुई और CCTV कैमरे में कैद हो गई

25 सेकंड में अंजाम दी गई पूरी वारदात

घटना पटना के प्रसिद्ध पारस अस्पताल की है, जहां मंगलवार को पांच शूटर हथियारों के साथ अस्पताल में दाखिल हुए। CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि वे बेधड़क अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थित आईसीयू में घुसते हैं, सीधे कमरा नंबर 209 में जाते हैं और चंदन मिश्रा को गोली मार देते हैं। पूरी घटना महज 25 सेकंड में खत्म हो जाती है और अपराधी आराम से निकल जाते हैं।

चंदन मिश्रा कौन था?

मृतक की पहचान चंदन मिश्रा के रूप में हुई है, जो बक्सर जिले का रहने वाला था। वह हत्या के एक मामले में आरोपी था और बेउर जेल में बंद था। जेल प्रशासन ने उसकी तबीयत खराब होने पर इलाज के लिए उसे पारस अस्पताल में भर्ती कराया था।

बताया जा रहा है कि चंदन मिश्रा केसरी नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त था। उसी मामले को लेकर आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है।

CCTV में दिखी पूरी घटना

घटना के बाद जो CCTV फुटेज सामने आया है उसमें देखा जा सकता है कि पांच युवक अस्पताल के गलियारे से गुजरते हुए सीधे ICU की ओर बढ़ते हैं। एक के हाथ में पिस्टल नजर आती है। वे तेजी से रूम नंबर 209 में दाखिल होते हैं और फायरिंग की आवाज आती है। कुछ ही सेकंड बाद वे उसी रास्ते से वापस निकल जाते हैं।

अस्पताल प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ICU जैसे संवेदनशील स्थान पर पांच हथियारबंद अपराधियों का इस तरह घुस जाना सुरक्षा में भारी चूक को दर्शाता है।

पटना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की पहचान की जा रही है और शहर के कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है।

निष्कर्ष: कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

पटना के अस्पताल में इस तरह की शूटआउट न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह दर्शाता है कि अपराधी कितने बेखौफ हो चुके हैं। सरकार और पुलिस को न सिर्फ दोषियों को जल्द गिरफ्तार करना चाहिए, बल्कि अस्पतालों की सुरक्षा प्रणाली की भी गहन समीक्षा करनी होगी।

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