NEET छात्रा की संदिग्ध मौत पर CBI जांच की मांग
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले की जांच CBI को सौंपने की सिफारिश केंद्र सरकार से की है। यह जानकारी बिहार के डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर दी है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि इस मामले की जांच पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने इस घटना को हत्या करार दिया है और न्याय की मांग की है।
सम्राट चौधरी ने X पर दी जानकारी
डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि,
“बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में हुए NEET छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या- 14/26) की जांच CBI से कराने की सिफारिश की है। इस घटना का पारदर्शी और न्याय के साथ खुलासा किया जाए।”
परिवार ने हत्या का आरोप लगाया
यह मामला जहानाबाद की एक छात्रा से जुड़ा है, जो पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। हॉस्टल के कमरे में उसकी लाश मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस की शुरुआती जांच में आत्महत्या की बात सामने आई थी, लेकिन मृतका के परिवार ने दावा किया कि उनकी बेटी की हत्या की गई है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में कपड़ों पर मिला स्पर्म
फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म मिलने की जानकारी सामने आई है। इस कारण जांच टीम ने मामले को और गंभीरता से लिया है। SIT ने अब तक 25 लोगों के DNA सैंपल जुटाए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्पर्म किसका है।
SIT कर रही है डिजिटल हिस्ट्री की जांच
छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद चित्रगुप्त नगर थाना में POCSO एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। SIT छात्रा की ट्रैवल हिस्ट्री से लेकर डिजिटल हिस्ट्री तक की जांच कर रही है। जांच में फोन, सोशल मीडिया, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है।
अब CBI जांच की संभावना
मामला अभी तक अनसुलझा है और जांच में कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने CBI जांच की सिफारिश की है, ताकि मामले का निष्पक्ष और त्वरित निष्कर्ष निकाला जा सके।
निष्कर्ष
पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला बिहार की राजनीति और समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार की मांग, फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों को देखते हुए अब CBI जांच की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि केंद्रीय जांच एजेंसी मामले की तह तक जाकर सच सामने लाएगी।