पठानकोट में माधोपुर हेडवर्क्स पर बड़ा हादसा: चार फ्लड गेट टूटे, 65 कर्मचारी फंसे, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

चार फ्लड गेट टूटे, 65 कर्मचारी फंसे, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

रणजीत सागर डैम से छोड़ा गया पानी बना संकट

पंजाब के पठानकोट जिले के माधोपुर हेडवर्क्स में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। रणजीत सागर डैम से सुबह लगभग दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, जिससे माधोपुर हेडवर्क्स पर दबाव बढ़ गया। पानी के बहाव को नियंत्रित करने और गेट खोलने के लिए विभाग के करीब 65 कर्मचारी और अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

चार गेट टूटने से बिगड़ा हालात

दोपहर तक स्थिति संभालने की कोशिशें जारी थीं, लेकिन अचानक पानी रोकने के लिए लगाए गए 54 गेटों में से चार गेट टूट गए। इस हादसे में एक कर्मचारी पानी के तेज बहाव में बह गया। उसे बचाने की कोशिश कर रहे एक अधिकारी भी मुश्किल में पड़ गए। गेट टूटने के बाद सभी कर्मचारी और अधिकारी कश्मीर कैनाल में पानी आने से फंस गए।

हेलीकॉप्टर से चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। डीसी पठानकोट और एनडीआरएफ की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब दो हेलीकॉप्टरों की मदद से सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि एक कर्मचारी अब भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।

यूबीडीसी नहर के पुलों पर बहा पानी, यातायात बंद

हादसे से पहले ही मंगलवार रात को यूबीडीसी नहर में पानी का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया था। नहर पर बने दोनों पुलों पर चार से पांच फीट पानी बह गया। इस दौरान पुलों को भारी नुकसान हुआ, रेलिंग बह गई और किनारे स्थित एक होटल का हिस्सा भी पानी में समा गया।
स्थिति को देखते हुए पुलों पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया। वहीं, सुरक्षा के लिए माधोपुर पुलिस नाके को भी अस्थायी रूप से हटा दिया गया था।

रेलवे लाइन को भी नुकसान, ट्रेनों की आवाजाही ठप

तेज पानी के बहाव ने रेलवे ट्रैक को भी प्रभावित किया। रावी दरिया के ऊपर बनी रेलवे लाइन का एक हिस्सा खिसक गया है। पिलर कमजोर होने की आशंका के चलते ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। कठुआ से पठानकोट आने वाले रावी पुल पर भी यातायात बंद कर दिया गया है।

डीसी और एसपी ने किया मौके का दौरा

माधोपुर हेडवर्क्स पर हालात गंभीर होने के बाद डीसी पठानकोट आदित्य उप्पल और एसपी दलजिंदर सिंह ने मौके का निरीक्षण किया। डीसी ने बताया कि प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं ताकि प्रभावित लोग मदद ले सकें। उन्होंने कहा कि हर संभव सहायता दी जाएगी।

आसपास के गांवों में पानी घुसा, लोग परेशान

गेट टूटने और नहरों में उफान आने से कई गांवों के घरों में पानी घुस गया। ग्रामीणों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए 54 गेटों में से केवल 19 गेट ही खोले जा सके, जिसके चलते रावी का पानी नहरों में ओवरफ्लो होकर एएमबी लिंक और हाईडल नहर तक पहुंच गया।

बड़ी आपदा टली लेकिन सतर्कता बरकरार

हालांकि हेलीकॉप्टर से सभी फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन एक कर्मचारी के लापता होने और नहरों व पुलों पर हुए नुकसान से हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।

यह भी पढ़ें:  दिल्ली में गणपति पंडाल के पास युवक की चाकू मारकर हत्या, इलाके में सनसनी

One thought on “पठानकोट में माधोपुर हेडवर्क्स पर बड़ा हादसा: चार फ्लड गेट टूटे, 65 कर्मचारी फंसे, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *