पुएमापे मंदिर में मिली चौंकाने वाली खोज
पेरू के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र ला लिबेर्ताद में स्थित पुएमापे मंदिर के पास पुरातत्वविदों ने एक बड़ा रहस्य उजागर किया है। यहां करीब 2300 साल पुराने 14 से ज्यादा कंकाल मिले हैं, जिनकी स्थिति बेहद अजीब है। कई कंकालों के गले में रस्सियां बंधी थीं, हाथ पीछे बंधे हुए थे और चेहरा जमीन की ओर था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानव बलि का सबूत हो सकता है।
कब्रों की अजीब शैली
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सैन मार्कोस के प्रोफेसर हेनरी टैंटालियन की टीम ने बताया कि ये कंकाल 400 से 200 ईसा पूर्व के हैं। दफनाने की शैली बेहद असामान्य थी, क्योंकि प्राचीन एंडियन संस्कृतियों में आमतौर पर मृतकों को चेहरे के बल जमीन की ओर नहीं रखा जाता था।
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कई खोपड़ियां टूटी हुई थीं।
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गले में रस्सियां और हाथ पीछे बंधे थे।
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इनके साथ कोई भेंट या कीमती सामान भी नहीं मिला।
आमतौर पर प्राचीन कब्रों में सोना-चांदी, बर्तन या अन्य वस्तुएं मिलती हैं, लेकिन यहां उनका अभाव बलि की संभावना को और मजबूत करता है।
बलि का मकसद क्या था?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बलि शायद मंदिर को श्रद्धांजलि देने के लिए दी गई होगी। पुएमापे मंदिर लगभग 3000 साल पुराना है और इसे कपिस्निक संस्कृति से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि इस मंदिर को छोड़ने से पहले वहां इंसानों की बलि दी गई थी, ताकि देवताओं को प्रसन्न किया जा सके।
बलि दिए गए लोग कौन थे?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ये लोग स्थानीय निवासी थे या पड़ोसी क्षेत्रों से लाए गए थे। उनकी पहचान के लिए DNA टेस्टिंग और अन्य वैज्ञानिक अध्ययन किए जा रहे हैं। साथ ही मिट्टी के बर्तन, पौधों और जानवरों के अवशेषों का भी परीक्षण हो रहा है।
पेरू में मानव बलि का इतिहास
पेरू की प्राचीन संस्कृतियों में मानव बलि एक आम परंपरा रही है।
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2019: ह्वांचाको में 227 बच्चों के कंकाल मिले, जिन्हें चिमू संस्कृति ने एल नीनो आपदा को शांत करने के लिए बलि दिया था।
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2021: काहमरक्विला में 1200 साल पुरानी ममी मिली, जिसके हाथ और चेहरा रस्सियों से बंधे थे।
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2024: ह्वाका काओ वीजो में 1500 साल पुरानी कब्र से दो किशोरों की बलि के प्रमाण मिले।
यह खोजें बताती हैं कि बलि देना धार्मिक और सामाजिक अनुष्ठानों का अहम हिस्सा था।
खोज की प्रक्रिया और महत्व
यह अभियान 2024 में शुरू हुआ था और 2025 में भी जारी है। इसमें यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा भी शामिल है। शोधकर्ता मिट्टी, बर्तनों और पौधों के अवशेषों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि कपिस्निक संस्कृति और उनके रिवाजों को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
प्राचीन रहस्यों से पर्दा
पुएमापे मंदिर में मिली कब्रें न सिर्फ मानव बलि की परंपरा को उजागर करती हैं बल्कि प्राचीन पेरू की धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक जीवन पर भी रोशनी डालती हैं। DNA रिपोर्ट्स से इन लोगों की असल पहचान और उनकी जीवनशैली का पता चलेगा। यह खोज न केवल इतिहासकारों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा आकर्षण बनी हुई है।
✍️ निष्कर्ष
पेरू में मिली 2300 साल पुरानी इन कब्रों ने यह साबित कर दिया है कि प्राचीन संस्कृतियों में बलि एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान था। गले और हाथ बंधे कंकाल इस बात का सबूत हैं कि इंसानों को मंदिरों और देवताओं के लिए बलि चढ़ाया जाता था। आने वाले शोध से इस रहस्य से जुड़े और भी तथ्य सामने आएंगे।
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