प्रयागराज हत्याकांड: दोस्ती से दुश्मनी तक, मोबाइल में छिपे राज ने ले ली जान

अवैध संबंधों के विवाद में दोस्त ने रची हत्या की साजिश

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश का बहुचर्चित प्रयागराज हत्याकांड हर दिन नए खुलासों के साथ सामने आ रहा है। बीजेपी नेता रणधीर सिंह यादव की निर्मम हत्या ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्या की जड़ में निजी रिश्तों की दरार और एक मोबाइल फोन में छिपे राज थे।


दोस्ती में पड़ी दरार और हत्या की साजिश

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी राम सिंह यादव ने बताया कि उसके चाचा डॉ. उदय यादव और रणधीर सिंह गहरे दोस्त थे। लेकिन समय के साथ यह दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। वजह थी उदय की पत्नी से रणधीर की नजदीकियां। इसी बात ने उदय के मन में गहरा गुस्सा और बदले की भावना पैदा कर दी।

राम सिंह के मुताबिक, उदय ने काफी समय पहले ही रणधीर की हत्या की योजना बना ली थी और इसमें अपने नजदीकी साथियों को शामिल कर लिया था।


शराब पार्टी से शुरू हुई वारदात

पुलिस जांच में सामने आया कि 22 अगस्त की रात रणधीर को शराब पिलाने के बहाने बुलाया गया। वहां मौजूद थे राम सिंह, डॉ. उदय यादव, विजय यादव, सुजीत श्रीवास्तव, जय यादव और रवि पासी। शराब के नशे में धुत रणधीर को सबने मिलकर काबू किया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपियों ने चेहरे को पत्थर से बुरी तरह कुचल दिया, ताकि पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद शव को रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया, जिससे ऐसा लगे कि उसकी मौत ट्रेन दुर्घटना में हुई है।


मोबाइल में छिपा राज और उदय का गुस्सा

हत्या के बाद आरोपी स्कॉर्पियो से शव को ठिकाने लगाने निकले। तभी डॉ. उदय ने रणधीर का मोबाइल चेक किया। गैलरी में उसे अपनी पत्नी की कई निजी तस्वीरें रणधीर के साथ मिलीं। यह देखकर उदय का गुस्सा और भड़क गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उदय चाहता था कि रणधीर के अस्तित्व का हर सबूत मिटा दिया जाए। यही वजह थी कि शव को रेलवे पटरी पर रखकर ट्रेन से कुचलवाने की कोशिश की गई।


पुलिस जांच और अब तक की कार्रवाई

प्रयागराज पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि डॉ. उदय यादव, उसकी पत्नी और कुछ अन्य अब भी फरार हैं। पुलिस का मानना है कि जब तक रणधीर का मोबाइल बरामद नहीं होता, तब तक मामले की पूरी सच्चाई सामने आना मुश्किल है।

रणधीर की स्कॉर्पियो को भी आरोपी चित्रकूट के जंगल में छोड़ आए थे, ताकि कोई सुराग न मिल सके। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है।


राजनीतिक और निजी रंजिश दोनों वजह

इस हत्याकांड ने प्रयागराज की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। रणधीर यादव बीजेपी नेता थे और उनकी बढ़ती राजनीतिक पकड़ भी कई लोगों को नागवार गुजर रही थी। पुलिस जांच में निजी रिश्तों की कड़वाहट के साथ-साथ राजनीतिक रंजिश के पहलू पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है।


निष्कर्ष

प्रयागराज हत्याकांड की कहानी दोस्ती से शुरू होकर अवैध रिश्तों और बदले की भावना तक पहुंची। रणधीर का मोबाइल फोन इस केस की सबसे अहम कड़ी है, जिसके मिलने पर पूरी गुत्थी सुलझ सकती है। फिलहाल पुलिस राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों एंगल से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

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