Site icon Post4india

फतेहपुर में मकबरे को लेकर विवाद, हिंदू संगठनों और पुलिस में झड़प

फतेहपुर में मकबरे को लेकर विवाद

फतेहपुर, उत्तर प्रदेश – उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में नवाब अब्दुल समद के मकबरे को लेकर सोमवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। हिंदू संगठनों का दावा है कि यह मकबरा असल में एक प्राचीन शिव और श्रीकृष्ण मंदिर की जगह पर बना है। इस विवाद ने अचानक तूल पकड़ लिया, जब सैकड़ों लोग पूजा-पाठ और प्रदर्शन के लिए यहां पहुंच गए।


विवाद की शुरुआत

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब बीजेपी जिलाध्यक्ष ने सदर तहसील क्षेत्र स्थित इस मकबरे को लगभग एक हज़ार साल पुराना ठाकुर जी और भगवान शिव का मंदिर बताया। उनका आरोप है कि मंदिर का स्वरूप बदलकर यहां मकबरा बना दिया गया। हिंदू संगठनों ने परिसर में मौजूद कमल के फूल और त्रिशूल के निशान को अपने दावे का सबूत बताया है।


पूजा और तोड़फोड़ का प्रयास

सोमवार सुबह बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के सदस्य मकबरे में पूजा करने पहुंचे। कई लोगों ने परिसर में घुसकर मजार के पास धार्मिक अनुष्ठान शुरू करने की कोशिश की। इस दौरान कुछ लोगों ने तोड़फोड़ भी की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

प्रशासन ने पहले ही मकबरे की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाई थी, लेकिन भारी भीड़ के सामने ये इंतजाम नाकाफी साबित हुए।


पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प

जब पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख मौके पर कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई। जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए है।


प्रशासन का रुख

जिला प्रशासन ने कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सके।


स्थानीय माहौल में तनाव

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।


ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विवाद

नवाब अब्दुल समद का मकबरा लंबे समय से स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा है। कुछ इतिहासकार इसे मुगलकालीन स्मारक मानते हैं, जबकि हिंदू संगठन दावा करते हैं कि यह प्राचीन हिंदू मंदिर की जगह पर बनाया गया है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए अभी तक कोई आधिकारिक पुरातात्विक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।


आगे क्या?

प्रशासन ने फिलहाल मकबरे के आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया है और किसी भी धार्मिक गतिविधि पर रोक लगा दी है। मामला शांत होने के बाद ही आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।

यह भी पढ़ें:  भदोही में दर्दनाक सड़क हादसा: दिल्ली से बिहार जा रही एम्बुलेंस कंटेनर से टकराई, 2 महिलाओं की मौत, 6 घायल


निष्कर्ष:
फतेहपुर का यह विवाद इतिहास, आस्था और राजनीति के टकराव का उदाहरण बन गया है। प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए विवाद को सुलझाया जाए। फिलहाल, सुरक्षा बल की मौजूदगी के बीच माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित है।

Exit mobile version