नई दिल्ली। आजकल फैटी लिवर (Fatty Liver) एक आम लेकिन गंभीर बीमारी बन चुकी है। भारत में करीब 30 से 40 प्रतिशत लोग इससे प्रभावित हैं। शुरुआत में इसके लक्षण नज़र नहीं आते, इसलिए ज़्यादातर लोगों को तब पता चलता है जब समस्या बढ़ चुकी होती है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि आपकी रोज़मर्रा की एक साधारण ड्रिंक — ब्लैक कॉफी (Black Coffee) — इस बीमारी से बचाने और लिवर को हेल्दी रखने में मदद कर सकती है।
फैटी लिवर क्या है?
लिवर में जब वसा (Fat) जमा हो जाती है, तो इसे फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है। यह दो प्रकार की होती है —
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एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (AFLD) — शराब पीने से होती है।
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नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) — असंतुलित खानपान, मोटापा, और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण होती है।
अगर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो फैटी लिवर आगे चलकर लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर या यहां तक कि लिवर कैंसर का कारण भी बन सकता है।
डॉक्टर सरीन का सुझाव: ब्लैक कॉफी है असरदार उपाय
प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपाटोलॉजिस्ट डॉक्टर शिव कुमार सरीन के अनुसार, ब्लैक कॉफी फैटी लिवर को कम करने का प्रभावी उपाय है। उन्होंने एक पॉडकास्ट में बताया कि रोज़ाना 2 से 3 कप ब्लैक कॉफी पीने से लिवर में जमा फैट पिघलने लगता है और लिवर की कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं।
डॉ. सरीन ने यह भी स्पष्ट किया कि इसके लिए बिना दूध और बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी पीना जरूरी है। मिल्क कॉफी या शक्कर वाली कॉफी से यह लाभ नहीं मिलता।
क्यों असरदार है कॉफी?
शोधों में पाया गया है कि कॉफी में मौजूद तत्व लिवर की फैट मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया को बेहतर करते हैं। यानी यह लिवर में जमा फैट को तोड़ने और पचाने में मदद करती है।
1. एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होती है कॉफी
कॉफी में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड और पॉलीफेनॉल्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। ये शरीर में जमा फ्री रेडिकल्स को खत्म करके ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative Stress) को कम करते हैं।
2. लिवर एंजाइम्स को नियंत्रित करती है
कॉफी पीने से ALT और AST जैसे लिवर एंजाइम्स का स्तर सामान्य रहता है। यह लिवर की सूजन और डैमेज को घटाने में मदद करता है।
3. लिवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस से बचाव
नियमित रूप से सीमित मात्रा में ब्लैक कॉफी पीने से फाइब्रोसिस (लिवर में घाव बनना) और सिरोसिस की प्रगति धीमी हो जाती है। इससे लिवर कैंसर का खतरा भी घटता है।
कब और कैसे पिएं ब्लैक कॉफी
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सुबह नाश्ते के बाद या दोपहर में एक कप ब्लैक कॉफी पी सकते हैं।
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दिन में 2 से 3 कप से अधिक कॉफी न पिएं।
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रात में कॉफी पीने से बचें क्योंकि इससे नींद पर असर पड़ सकता है।
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अगर किसी को एसिडिटी, गैस या हृदय संबंधी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
फैटी लिवर के लक्षण जिन पर ध्यान दें
फैटी लिवर के शुरुआती चरण में लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन जैसे-जैसे यह बढ़ता है, शरीर कुछ संकेत देने लगता है:
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त्वचा में लगातार खुजली या जलन
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आंखों या त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया)
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चोट या घाव का जल्दी न भरना
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उल्टी में खून आना
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पेट में सूजन या भारीपन महसूस होना
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गहरे रंग का पेशाब (डार्क यूरिन)
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मल का रंग हल्का या मटमैला होना
अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
इन आदतों से भी बचें
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जंक फूड और तली-भुनी चीजें कम खाएं।
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शराब और स्मोकिंग से परहेज करें।
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रोज़ाना 30 मिनट एक्सरसाइज या वॉक करें।
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पर्याप्त पानी पिएं और नींद पूरी लें।
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चीनी और रिफाइंड कार्ब्स का सेवन सीमित करें।
निष्कर्ष
डॉ. शिव कुमार सरीन के मुताबिक, अगर आप फैटी लिवर से बचना चाहते हैं तो ब्लैक कॉफी को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। यह न केवल लिवर में जमा फैट को कम करती है बल्कि उसकी कोशिकाओं को लंबे समय तक स्वस्थ रखती है।
लेकिन ध्यान रखें — कॉफी कोई दवा नहीं है। इसका सेवन सीमित मात्रा में और संतुलित आहार के साथ ही करें। स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह से आप लिवर को लंबे समय तक फिट रख सकते हैं।

