बलरामपुर में छांगुर बाबा की कोठी पर वसूली का नोटिस, बुलडोजर से ढहा दी थी आलीशान संपत्ति
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में प्रशासन ने जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की आलीशान कोठी को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। अब उस ध्वस्तीकरण के खर्च की वसूली छांगुर बाबा से की जाएगी। प्रशासन ने फैसला लिया है कि ध्वस्तीकरण में लगे सभी खर्चों का भुगतान बाबा से लिया जाएगा।
आज ही, बलरामपुर जिला प्रशासन छांगुर बाबा की कोठी पर वसूली का नोटिस चस्पा करने जा रहा है। इस कार्रवाई के तहत जेसीबी मशीन से हुए ध्वस्तीकरण, सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के तीन दिन के वेतन समेत अन्य खर्चों की वसूली होगी। इन खर्चों की कुल राशि 8 लाख 55 हजार रुपये से अधिक है, जिसे छांगुर बाबा से वसूला जाएगा।
कोठी का ध्वस्तीकरण: आलीशान संपत्ति थी छांगुर बाबा की
छांगुर बाबा की कोठी किसी महल से कम नहीं थी। कोठी में अत्याधुनिक सुविधाएं थीं, जिनमें सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, प्राइवेट पावर प्लांट, दर्जनों सोलर पैनल और बाउंड्री पर कटीले तारों की सुरक्षा शामिल थी। कथित तौर पर, इन तारों में करंट दौड़ता था ताकि कोई व्यक्ति कोठी के आसपास भी न आ सके।
इसके अलावा, कोठी में एक सीक्रेट कंट्रोल रूम भी था, जो बाबा के बेडरूम में स्थित था। इस कंट्रोल रूम से पूरे घर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाती थी। कोठी में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की रिकॉर्डिंग की जाती थी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।
वसूली का नोटिस, प्रशासन की तत्परता
अब, प्रशासन ने इस आलीशान संपत्ति के ध्वस्तीकरण का खर्च छांगुर बाबा से वसूलने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई संपत्ति को ध्वस्त करने में जो भी खर्च आया है, वह बाबा से लिया जाएगा। इसमें पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए किए गए खर्च और जेसीबी मशीन की सेवाएं शामिल हैं।
पुलिस ने किया है कई गिरफ्तारियां, जांच जारी
यूपी पुलिस ने छांगुर बाबा, उसकी करीबी सहयोगी नीतू रोहरा, नीतू के पति जलालुद्दीन और बाबा के बेटे को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में एटीएस (Anti Terrorism Squad) और ईडी (Enforcement Directorate) दोनों जांच कर रहे हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों ने करोड़ों की फंडिंग का इंतजाम किया था, और बाबा के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से संपर्क होने के संकेत भी मिले हैं।
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कुल मिलाकर: प्रशासन की सक्रियता और वसूली की प्रक्रिया
बलरामपुर में छांगुर बाबा की कोठी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई ने कई सवालों को जन्म दिया है। प्रशासन की सक्रियता को देखते हुए, अब यह साफ हो गया है कि किसी भी अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन कठोर कदम उठाएगा और इसके खर्च की वसूली भी दोषी से की जाएगी। इसके अलावा, इस मामले में पुलिस, एटीएस और ईडी की जांच से यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मामले का पूरा पर्दाफाश होगा।
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