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बस्ती में कांवड़ियों ने मचाई दहशत, तोड़फोड़ और आगजनी से चौराहे पर फैल गई अफरा-तफरी

राम मंदिर पर अभद्र टिप्पणी के बाद कांवड़ यात्रा में बवाल

राम मंदिर पर अभद्र टिप्पणी के बाद कांवड़ यात्रा में बवाल, पुलिस भी रही परेशान


🔥 कांवड़ यात्रा के दौरान बवाल

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कांवड़ियों ने जब कप्तानगंज चौराहे पर पहुंचकर बवाल मचाया, तो पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी के कारण दहशत फैल गई। पुलिस द्वारा शांत करने के प्रयासों के बावजूद कांवड़ियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और हालात काबू से बाहर होते गए।


🗣️ अभद्र टिप्पणी से हुआ बवाल

पूरे मामले की शुरुआत सोमवार को हुई, जब एक मुस्लिम युवक ने राम मंदिर पर अभद्र टिप्पणी कर दी। आरोप है कि युवक ने टिप्पणी की, जिससे कांवड़ियों का गुस्सा भड़क गया। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु इस टिप्पणी से आक्रोशित हो गए और उन्होंने युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन तोड़फोड़ और आगजनी में तब्दील हो गया।


🚨 पुलिस की कोशिशों के बावजूद स्थिति नियंत्रण से बाहर

घटना की जानकारी मिलने के बाद, एसपी अभिनंदन ने खुद मोर्चा संभाला और कांवड़ियों को शांत करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारी हाथ जोड़कर विनती करते हुए कांवड़ियों को शांत करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कांवड़ियों का गुस्सा उतना ही बढ़ता गया। पुलिस अधिकारियों को कांवड़ियों के सामने घुटने टेकते हुए देखा गया।

कांवड़ यात्री आपस में राम मंदिर को लेकर बातचीत कर रहे थे, तभी एक युवक ने अभद्र टिप्पणी कर दी। इससे नाराज कांवड़ियों ने युवक को पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान कप्तानगंज थाने के एसएचओ ने मौके पर पहुंचकर कांवड़ियों को शांत कराने का प्रयास किया और युवक को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया।


🏠 आरोपी के घर पर कांवड़ियों का हमला

युवक के गिरफ्तार होने के बाद, उसके परिजन और परिचित वहां पहुंचे और उन्होंने कांवड़ियों के साथ झड़प शुरू कर दी। स्थिति और बिगड़ गई और इसके बाद कांवड़ियों ने युवक के घर पर धावा बोल दिया। इस दौरान तोड़फोड़ और पत्थरबाजी भी हुई।

स्थानीय पुलिस को शांति स्थापित करने में काफी समय लगा, लेकिन करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद मामला शांत हुआ।


💥 एसपी पर भी फेंका गया पत्थर

जैसे ही एसपी अभिनंदन ने खुद मोर्चा संभाला और कांवड़ियों से शांत रहने की अपील की, तो किसी ने भीड़ में से पत्थर फेंक दिया। यह पत्थर एसपी के साथ खड़े पुलिसकर्मी के चेहरे पर जा लगा और वह खून से लथपथ हो गया। इसके बावजूद एसपी कांवड़ियों के मान मनौव्वल में जुटे रहे। साथी पुलिसकर्मी भी कांवड़ियों से निवेदन करते हुए नजर आए।


🚓 सुरक्षा के लिए पुलिस की विशेष व्यवस्था

इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की ओर से सख्त कदम उठाने की जरूरत थी, लेकिन कांवड़ियों के गुस्से ने प्रशासन की क्षमता को चुनौती दी। इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की समान्यत: सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।


🔚 निष्कर्ष: कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा जरूरी

कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था का प्रतीक है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करती हैं। पुलिस को चाहिए कि वे ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करें ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ समाज में शांति बनी रहे। कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह के विवादों से बचने के लिए सामाजिक जागरूकता और समझदारी की जरूरत है।

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