बिहार के कटिहार जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कार्यशैली और पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में थानाध्यक्ष की दबंगई और दादागीरी साफ नजर आ रही है, जिसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
रेस्टोरेंट में बैठा था भाई-बहन, पहुंच गए थानाध्यक्ष
पूरा मामला कटिहार जिले के बारसोई थाना क्षेत्र के BR-11 रेस्टोरेंट का है। जानकारी के मुताबिक, एक युवक अपनी बहन के साथ रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। इसी दौरान बारसोई थानाध्यक्ष वहां पहुंचे और बिना वजह दोनों से पूछताछ शुरू कर दी।
थानाध्यक्ष ने युवक से सख्त लहजे में पूछा — “ये कौन है?”
इस पर युवक ने जवाब दिया, “मेरी बहन है।”
लेकिन युवक का यह जवाब सुनकर दारोगा और भड़क गए और बोले — “बहन है तो ऐसे बोलेगा?”
थानाध्यक्ष की दादागीरी से दहशत में आए लोग
युवक ने जब कहा कि “आप गलत तरीके से पूछ रहे हैं”, तो थानाध्यक्ष और गुस्से में आ गए। वहां मौजूद दूसरे युवक से भी बहस हो गई। दारोगा ने धमकी भरे लहजे में कहा —
“मेरा काम पूछना है, ज्यादा गर्मी मत दिखाओ।”
इस पर युवक ने शांत स्वर में जवाब दिया,
“गर्मी आप दिखा रहे हैं, हम तो सिर्फ आपके सवाल का जवाब दे रहे हैं।”
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान रेस्टोरेंट में बैठे अन्य ग्राहक भी डर गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि थानाध्यक्ष के साथ कई पुलिसकर्मी और महिला कांस्टेबल भी मौजूद थीं। कुछ देर बाद अधिकारी अपनी टीम के साथ वहां से चले गए।
असामाजिक तत्वों की सूचना पर पहुंचे थे दारोगा
जांच में सामने आया है कि थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि रेस्टोरेंट में कुछ असामाजिक तत्व बैठे हैं। इस जानकारी के आधार पर वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, वहां उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने आम लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
वायरल वीडियो से भड़का जनता का गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। कई लोगों ने इसे “वर्दी की गुंडागर्दी” बताया और कहा कि ऐसे अफसरों पर सख्त कदम उठाना जरूरी है ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
थानाध्यक्ष सस्पेंड, जांच शुरू
मामला सामने आने के बाद कटिहार पुलिस प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया।
पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), कटिहार द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि,
“24 अक्टूबर को बारसोई थानाध्यक्ष द्वारा रेस्टोरेंट में बैठे लोगों से अभद्र भाषा में बात की गई, जो उनके कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता को दर्शाता है। उनके इस व्यवहार से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है।”
प्राथमिक जांच के बाद थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पुलिस की छवि पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर पुलिस के व्यवहार और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। आम लोगों से संवाद के दौरान संयम और सम्मान की अपेक्षा की जाती है, लेकिन इस घटना ने दिखाया कि वर्दी में होने के बावजूद कुछ अधिकारी कानून की सीमाएं पार कर जाते हैं।
राज्य पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
कटिहार रेस्टोरेंट विवाद सिर्फ एक वीडियो का मामला नहीं, बल्कि यह पुलिस के सार्वजनिक आचरण की परीक्षा है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूर एक सकारात्मक कदम है, लेकिन जरूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए पुलिस को संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज्म दोनों की जरूरत है।
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