मुंबई के बांद्रा में तीन मंजिला चॉल गिरी, कई घायल, बचाव कार्य जारी

बांद्रा की तीन मंजिला चॉल गिरने के बाद मलबा

18 जुलाई 2025 — मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित भारत नगर इलाके में आज सुबह करीब 5:56 बजे एक तीन मंजिला चॉल (पुरानी आवासीय इमारत) अचानक गिर गई। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं और कई अन्य मलबे में फंसे होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

शुरुआती जानकारी: 12 लोग निकाले गए, कई गंभीर

अब तक 12 लोगों को मलबे से बाहर निकालकर भाभा अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें से 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें एक बच्चा और कुछ बुज़ुर्ग भी शामिल हैं। राहत कार्य अभी भी जारी है और अन्य फंसे लोगों की तलाश जारी है। फिलहाल किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात नाज़ुक बने हुए हैं।

हादसे का कारण: गैस सिलेंडर ब्लास्ट की आशंका

मुंबई फायर ब्रिगेड और पुलिस द्वारा की जा रही शुरुआती जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि इमारत में लगी आग और गिरावट का कारण गैस सिलेंडर का विस्फोट हो सकता है। चश्मदीदों ने बताया कि इमारत गिरने से पहले एक तेज धमाका सुनाई दिया था।

राहत कार्य में जुटे दमकल और पुलिसकर्मी

घटना स्थल पर 8 फायर ब्रिगेड गाड़ियाँ, मुंबई पुलिस और BMC की टीमें पहुंच चुकी हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में थर्मल इमेजिंग, ड्रिलिंग मशीन और मानव-श्रृंखला तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारी लगातार मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

बांद्रा की पुरानी चॉल्स में जर्जर स्थिति

बांद्रा ईस्ट में बड़ी संख्या में पुरानी चॉल्स हैं, जो वर्षों से खराब स्थिति में हैं। इनमें रहने वाले अधिकतर परिवार आर्थिक रूप से कमज़ोर हैं और इन इमारतों की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। BMC द्वारा पहले भी कई बार इन इमारतों को “खतरनाक” घोषित किया गया था।

आगे की प्रक्रिया और जरूरी कदम

बचाव कार्य जारी: फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़ी से चल रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएँ।

इलाज की व्यवस्था: सभी घायलों को भाभा और KEM अस्पताल में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम इलाज में लगी है।

अस्थायी राहत केंद्र: पास के एक हॉल को अस्थायी राहत शिविर में बदला गया है, जहाँ पीड़ितों को खाना, पानी और प्राथमिक सहायता मिल रही है।

जाँच और सुरक्षा: पुलिस और फायर विभाग घटना की पूरी जांच करेंगे और अन्य पुरानी इमारतों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन की अपील और नागरिकों की मदद

मुंबई के प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और रेस्क्यू टीम का सहयोग करें। कई स्थानीय NGO और स्वयंसेवक राहत शिविर में खाना, कंबल और दवाइयाँ दे रहे हैं।

मॉनसून से पहले चेतावनी

इस हादसे ने एक बार फिर चेताया है कि बरसात से पहले जर्जर इमारतों की जांच और गैस उपकरणों की सही स्थिति अनिवार्य है।

  1. गैस सिलेंडर और रेगुलेटर की समय-समय पर जांच कराएँ।
  2. पुरानी इमारतों की स्ट्रक्चरल ऑडिट BMC से कराएँ।
  3. आपातकालीन निकासी की योजना हर परिवार में होनी चाहिए।

मुश्किल वक्त में साथ खड़े लोग

हादसे के बीच, इंसानियत की मिसाल भी देखने को मिली। एक युवक ने अपने पड़ोसी की दादी को सुरक्षित निकाला, वहीं कुछ लोग बिना डरे मलबे के पास जाकर मदद कर रहे हैं। मुंबई ने फिर दिखा दिया कि संकट में भी यहां का दिल बड़ा है।

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निष्कर्ष

बांद्रा की यह घटना चिंता का विषय है और प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी। राहत कार्य फिलहाल जारी है, और उम्मीद है कि सभी लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाएँगे। नागरिकों को सतर्क रहने और जर्जर इमारतों की समय रहते रिपोर्ट करने की आवश्यकता है।

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