बागपत ट्रिपल मर्डर केस: नाबालिगों पर लगे आरोपों को खारिज कर CBI जांच की मांग

दो नाबालिग छात्रों को दोषी ठहराया

बागपत, उत्तर प्रदेश: बागपत में हुए एक सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस ने दो नाबालिग छात्रों को दोषी ठहराया है। लेकिन मृतका के परिवार ने पुलिस की थ्योरी को खारिज करते हुए CBI जांच की मांग की है। मृतका के भाई और उनके मुफ्ती पति ने दावा किया कि नाबालिग बच्चे इस तरह का जघन्य अपराध अकेले नहीं कर सकते और पुलिस ने बच्चों को जबरन अपराध कबूल कराया है।

बागपत ट्रिपल मर्डर की वारदात

यह मामला बागपत के थाना दोघट क्षेत्र के गांगनौली गांव स्थित एक मस्जिद का है, जहां मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी, बेगम इसराना और उनकी दो बेटियों की हत्या कर दी गई थी। यह वारदात उस समय हुई जब मुफ्ती इब्राहिम देवबंद गए हुए थे। इस हत्या के बाद, पुलिस ने महज छह घंटे में आरोपियों का खुलासा करते हुए दो नाबालिग छात्रों को गिरफ्तार किया और कहा कि ये छात्र मुफ्ती इब्राहिम से नाराज होकर हत्या को अंजाम दिया था।

मृतका के परिवार का आरोप

मृतका बेगम इसराना के भाई, इसरार (जो खुद भी मुफ्ती हैं), और उनके मुफ्ती पति ने पुलिस के खुलासे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसरार ने कहा कि “दो नाबालिग बच्चे बिना किसी सहारे के इतने जघन्य अपराध को अंजाम नहीं दे सकते।” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बच्चों को बुरी तरह पीटकर उनका गुनाह कबूल कराया। उनका यह भी कहना था कि पुलिस ने बच्चों को मारते हुए उनके सामने ही यह काम किया और जब उन्होंने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें भगाकर मामला दबा दिया।

CBI जांच की मांग

मुफ्ती इसरार ने बागपत पुलिस द्वारा किए गए खुलासे को फर्जी बताते हुए CBI जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि दूध का दूध और पानी का पानी हो, हम इस खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर इस मामले को दबाने की कोशिश की और उनका विश्वास भी कमजोर किया है।

पुलिस की सफाई

वहीं, बागपत पुलिस ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह मामला बाल अपराधियों द्वारा किया गया है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दावा किया कि नाबालिग छात्रों को पीटने का आरोप गलत है और ये आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि घटना के समय मुफ्ती इब्राहिम देवबंद में थे, और इसरार ने अपने जीजा (मुफ्ती इब्राहिम) को जेल भेजने का प्रयास किया था।

मस्जिद में CCTV कैमरे बंद थे

यह भी सामने आया है कि हत्या के समय मस्जिद के CCTV कैमरे बंद कर दिए गए थे, जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है। इस तथ्य को लेकर भी मृतका के परिवार ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि किसी ने जानबूझकर इस अपराध को छिपाने की कोशिश की।

निष्कर्ष

बागपत का यह ट्रिपल मर्डर केस अब एक गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। मृतका के परिवार के आरोप और पुलिस के दावों के बीच गहराई से जांच की आवश्यकता है। CBI जांच की मांग से यह साफ है कि परिवार को पुलिस के निष्कर्ष पर विश्वास नहीं है और वे चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए। इस केस में कई सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब अब तक नहीं मिल पाए हैं।

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