राजस्थान के बाड़मेर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सीमावर्ती सेड़वा थाना क्षेत्र के हरपालेश्वर मंदिर ट्रस्ट हॉस्टल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों को अमानवीय यातनाएं देने का आरोप सामने आया है। बच्चों का आरोप है कि हॉस्टल के टीचर नारायणगिरी उन्हें गलती करने या नींद में बिस्तर गीला करने पर गर्म सरियों से दागता और मारपीट करता था।
बच्चे की चीखों से खुला राज
16 अगस्त की रात को एक बच्चा डर और दर्द से हॉस्टल से भागकर बाहर आया। ग्रामीणों ने देखा कि उसके शरीर पर जलाने के निशान हैं और खून भी निकल रहा है। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर लोग इकट्ठा हो गए और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद 19 अगस्त को बच्चों के वीडियो वायरल होने पर मामला बड़ा बन गया और गुस्साए परिजनों ने हॉस्टल के बाहर जमकर हंगामा किया।
गरीब और अनाथ बच्चे बने शिकार
हरपालेश्वर मंदिर ट्रस्ट का यह हॉस्टल खासतौर पर गरीब, घुमंतु और अनाथ बच्चों के लिए चलाया जाता है। यहां बच्चों को आध्यात्मिक शिक्षा देने का दावा किया जाता है। लेकिन बच्चों ने बताया कि जब वे नींद में बिस्तर गीला कर देते थे तो टीचर नारायणगिरी उन्हें लोहे की गरम सरियों से जांघों और शरीर के अन्य हिस्सों पर दागता था।
8 से 10 बच्चों ने बताए जख्मों के किस्से
मामले के सामने आने के बाद अब तक 8 से 10 बच्चों ने सामने आकर अपनी पीड़ा बताई है। उनके शरीर पर जले हुए निशान साफ दिखाई दिए। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ, पहले भी इस तरह की शिकायतें आई थीं लेकिन ट्रस्ट की बदनामी के डर से मामले दबा दिए गए थे।
आरोपी शिक्षक हिरासत में
घटना सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी टीचर नारायणगिरी को हिरासत में ले लिया। आरोपी मूल रूप से भरतपुर का रहने वाला है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और बच्चों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
ग्रामीणों और सरपंच का आक्रोश
गांव सारला के सरपंच मोहनलाल ने बताया कि हॉस्टल में बच्चों के साथ लंबे समय से अमानवीय कृत्य हो रहे हैं। कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब बच्चों के शरीर पर दागने के निशान देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका कहना है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
प्रशासन पर सवाल
यह घटना केवल एक शिक्षक की हैवानियत नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही को भी उजागर करती है। जिस हॉस्टल में गरीब और बेसहारा बच्चे अपनी पढ़ाई और सुरक्षित जीवन की उम्मीद लेकर आते हैं, वहीं उनके साथ ऐसी यातनाएं होना बेहद शर्मनाक है।
निष्कर्ष
बाड़मेर के हरपालेश्वर मंदिर ट्रस्ट हॉस्टल का यह मामला पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गया है। बच्चों के साथ अमानवीय बर्ताव ने सबको झकझोर कर रख दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और कड़ाई से कार्रवाई करती है।