मॉनसून बना आफत, पहाड़ों से मैदान तक संकट
देशभर में मॉनसून अब राहत की बजाय आफत बन गया है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में हालात बेहद खराब हैं। मौसम विभाग ने कई जगहों पर रेड अलर्ट जारी किया है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
दिल्ली में बाढ़ का खतरा
दिल्ली और एनसीआर में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। सड़कों पर जलभराव से लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। नोएडा और गाजियाबाद में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं और ऑनलाइन क्लास का आदेश जारी हुआ है।
यमुना नदी ने खतरे का निशान पार कर लिया है और जलस्तर 206.78 मीटर तक पहुंच गया है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पुराने लोहे के पुल को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।
पंजाब में बाढ़ से तबाही
पंजाब की नदियां सतलज, ब्यास, रावी और घग्गर उफान पर हैं। राज्य के 1400 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 3.54 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन दल युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं।

पहाड़ी राज्यों में बिगड़े हालात
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल में लगातार बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा कर दी है। मंडी के सुंदरनगर में भूस्खलन से 6 लोगों की मौत हो गई है। कुल्लू के अखाड़ा बाजार क्षेत्र में भी एक मकान पर पहाड़ गिरने से दो लोग मलबे में दब गए। एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें राहत कार्य में लगी हैं।

उत्तराखंड
उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। नैनीताल में पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पिथौरागढ़ और मसूरी में भी 90 मिमी तक बारिश हुई है। राज्य में कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है, वहीं 5 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई है। कई जिलों के स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख
कश्मीर में भी बाढ़ और बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पहलगाम का शेषनाग नाला और लिद्दर नाला खतरे के निशान को पार कर चुके हैं। अगस्त माह को जम्मू-कश्मीर का 1901 के बाद सबसे ज्यादा बारिश वाला अगस्त बताया जा रहा है, जहां सामान्य से 73% अधिक वर्षा दर्ज हुई है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने साफ किया है कि आने वाले कुछ दिन हालात और बिगड़ सकते हैं।
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उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश की संभावना
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नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी का खतरा
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कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
प्रशासन अलर्ट पर, राहत कार्य जारी
प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी कर रहे हैं।
नतीजा
मॉनसून ने उत्तर भारत के कई राज्यों को संकट में डाल दिया है। दिल्ली से लेकर पहाड़ी राज्यों तक कहीं सड़कें टूटी हैं, कहीं पुल बह गए हैं। हजारों लोग प्रभावित हैं और कई परिवार बेघर हो गए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
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