Site icon Post4india

बिजनौर एनकाउंटर: छात्रा से रेप के आरोपी ई-रिक्शा चालक अरुण कुमार को पुलिस ने किया गिरफ्तार

छात्रा से रेप के आरोपी ई-रिक्शा चालक अरुण कुमार को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मुठभेड़ में आरोपी के पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती


ट्यूशन जाती छात्रा से दरिंदगी

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में ट्यूशन के लिए जा रही एक नाबालिग छात्रा के साथ हुई हैवानियत के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 28 मई को मंडावली थाना क्षेत्र में एक ई-रिक्शा चालक ने छात्रा को ट्यूशन छोड़ने के बहाने सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गया। पीड़िता की सूचना पर परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।


आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। मंगलवार को पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी अरुण कुमार नामक ई-रिक्शा चालक मोटरसाइकिल से सबलगढ़ होते हुए भागूवाला की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की।


एनकाउंटर के दौरान मुठभेड़

पुलिस द्वारा रोके जाने पर आरोपी की मोटरसाइकिल फिसल गई और वह गिर गया। गिरते ही उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में जा लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।


आरोपी से मिले हथियार और सामान

पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा (.315 बोर), तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम अरुण कुमार बताया और उसने गांव विजयपुर का निवासी होना स्वीकार किया है। फिलहाल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस उसकी निगरानी कर रही है।


पुलिस का बयान

एसपी सिटी संजीव वाजपेई ने बताया कि “इस मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया गया। लड़की की मेडिकल जांच कराई गई है और उसे जरूरी काउंसलिंग सहायता भी दी जा रही है।”


समाज में जागरूकता की जरूरत

यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी है। ट्यूशन जैसी सामान्य दिनचर्या में छात्राओं की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बनकर उभरी है। परिजनों को चाहिए कि वे बच्चों को अकेले भेजने से पहले सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।


निष्कर्ष

बिजनौर की यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि कैसे महिलाएं और बच्चियां भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी असुरक्षित हो सकती हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही, लेकिन ऐसे मामलों से बचाव के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें:  पटना शूटआउट अपडेट: आरा में एनकाउंटर, चंदन मिश्रा हत्याकांड के दो शार्प शूटर घायल

Exit mobile version