छत्तीसगढ़ में बड़ा रेल हादसा: मौत, मलबा और एक मासूम की चमत्कारिक जिंदगी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शनिवार शाम हुए भीषण रेल हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है. तेज रफ्तार में आ रही MEMU लोकल ट्रेन खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई, जिससे 11 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए. इस भयावह हादसे के बीच एक मासूम बच्चे की जान चमत्कारिक रूप से बच गई, लेकिन उसके माता-पिता का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है.
मलबे में मिला घायल बच्चा, माता-पिता लापता
राहत और बचाव कार्य के दौरान मलबे के पास लगभग 5 साल से कम उम्र के एक बच्चे को घायल अवस्था में पाया गया. राहतकर्मियों ने उसे तुरंत रेलवे अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है.
रेल प्रशासन और स्थानीय लोग बच्चे के परिजनों की तलाश में जुटे हैं, लेकिन अब तक माता-पिता या परिवार का कोई सुराग नहीं लग सका है. रेलवे प्रशासन ने जनता से अपील की है कि जो भी व्यक्ति बच्चे के परिवार के बारे में जानकारी रखता हो, वह रेलवे अस्पताल या बिलासपुर रेल कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करे.
कैसे हुआ हादसा: MEMU ट्रेन ने सिग्नल तोड़कर मारी टक्कर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि MEMU लोकल ट्रेन ने सिग्नल को पार करते हुए खड़ी मालगाड़ी के पिछले हिस्से से टक्कर मार दी. इस टक्कर से ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और ओवरहेड तारों व सिग्नलिंग सिस्टम को भारी नुकसान हुआ.
यह हादसा बिलासपुर-कटनी रेलखंड पर हुआ, जिसके कारण इस मार्ग पर रेल संचालन को तत्काल रोक दिया गया. घटना के बाद रेलवे ने कई ट्रेनों का रूट बदल दिया और कुछ को रद्द भी करना पड़ा.
राहत और बचाव में जुटी टीमें, घायलों को मिली तत्काल सहायता
घटना के तुरंत बाद एनडीआरएफ, रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से राहत अभियान शुरू किया. मलबे में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
रेल प्रशासन ने प्राथमिक राहत के तौर पर घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है. वहीं, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 5 लाख रुपये और सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी.
वरिष्ठ अधिकारी लगातार अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका हालचाल ले रहे हैं.
रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि लोग अपने लापता प्रियजनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें.
📞 बिलासपुर: 7777857335, 7869953330
📞 चांपा: 8085956528
📞 रायगढ़: 9752485600
📞 पेंड्रा रोड: 8294730162
📞 कोरबा: 7869953330
📞 उसलापुर: 7777857338
📞 दुर्घटनास्थल संपर्क: 9752485499, 8602007202
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, राहत कार्य तेज करने के निर्देश
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना है. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटने के निर्देश दिए हैं.
रेलवे मंत्रालय ने भी घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रेन ने सिग्नल पार कैसे किया और ऐसी घटनाओं को भविष्य में कैसे रोका जा सकता है.
मासूम की जिंदगी बनी उम्मीद की किरण
इस दर्दनाक हादसे के बीच मलबे से जिंदा मिले इस मासूम बच्चे ने सभी को भावुक कर दिया है. जहां एक ओर कई परिवारों का सबकुछ खत्म हो गया, वहीं इस बच्चे की जिंदगी बच जाना एक मानवता और उम्मीद की मिसाल बन गया है.
अस्पताल की टीम बच्चे की देखभाल में जुटी है और अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उसके माता-पिता या परिजनों का पता चल जाएगा.
निष्कर्ष: हादसे ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
बिलासपुर रेल हादसे ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और सिग्नलिंग सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है. यह त्रासदी केवल एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का परिणाम है. अब जरूरत है कि रेलवे ऐसे हादसों से सबक लेकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करे.
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