बिहार के जमुई जिले से एक चौंकाने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है, जिसमें एक बहू ने अपने ससुर, सास, देवर, देवरानी और दो छोटे बच्चों को चार दिनों तक अपने घर में बंधक बना लिया। यह मामला अब गांव में चर्चा का विषय बन गया है, जबकि पुलिस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। महिला ने घर के दरवाजे में ताला लगा दिया और खुद बाहर बैठ गई। इस दौरान बंधक बने परिवार के सदस्य परेशान हो रहे हैं, खासकर ससुर जो कैंसर से पीड़ित हैं।
पारिवारिक विवाद का बढ़ता तूल
यह मामला जमुई जिले के आनंद बिहार कॉलोनी का है। बुधवार से, प्रीति कुमारी नाम की महिला, जो एक शिक्षिका भी हैं, अपने घर के बाहर दरवाजे पर धरने पर बैठी हुई हैं। उनके घर के दरवाजे में दो ताले लगे हुए हैं, एक अंदर से और एक बाहर से। घर के अंदर छह लोग हैं, जिनमें उनकी सास, ससुर, देवर, देवरानी और दो दुधमुंहे बच्चे शामिल हैं। यह सभी लोग घर में बंधक हैं और बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
कैंसर से पीड़ित ससुर की हालत गंभीर
प्रीति कुमारी के ससुर आनंद मोहन सिंह कैंसर से पीड़ित हैं और उनकी हालत गंभीर है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला उनके बेटे और बहू के बीच झगड़े के कारण हुआ है। उन्होंने बताया कि शनिवार को बहू ने घर के मुख्य ग्रिल पर बाहर से ताला लगा दिया और उन्हें, उनके पत्नी और बच्चों को घर में बंधक बना लिया। आनंद मोहन सिंह ने बहू को ‘राक्षस’ बताते हुए कहा कि वह हर महीने इस तरह का नाटक करती है और परिवार के सभी सदस्यों को परेशान करती है।
परिवार का आरोप: प्रशासन की लापरवाही
बंधक बने परिवार के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन इस मामले की अनदेखी कर रहा है। उनका आरोप है कि पुलिस ने स्थिति को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। प्रीति कुमारी ने इस मामले में अपनी बात रखते हुए कहा कि उसकी बेटी एक एथलीट है और वह कॉलेज के मैदान में प्रैक्टिस करने जाती है। वह चाहती है कि उसकी बेटी को शहर में एक कमरे में रहने दिया जाए, ताकि वह बिना परेशानी के आ-जा सके।
पति का बयान
प्रीति कुमारी के पति अभय सिंह, जो भारतीय वायु सेना में कार्यरत हैं, ने फोन पर इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी बहुत प्रभावशाली महिला हैं, और इसलिए पुलिस इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर रही है। अभय सिंह ने कहा कि अगर उनकी पत्नी को संपत्ति में हिस्सा चाहिए तो उसका तरीका गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी पत्नी से दूर रहना चाहते हैं और उन्हें इस विवाद में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
गुस्साए परिवार के सदस्य
घायल और परेशान बंधक बने परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे इस स्थिति से त्रस्त हैं। देवर सुशील कुमार सिंह ने बताया कि वह इस बंधक बनकर रहने की स्थिति से बहुत परेशान हैं। वह प्रशासन से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाना चाहिए।
पुलिस और प्रशासन की स्थिति
पुलिस ने इस मामले की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने परिवार से बात की है, लेकिन अभी तक इस मामले का कोई हल नहीं निकला है। तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में छानबीन जारी है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
निष्कर्ष
यह घटना एक गंभीर पारिवारिक विवाद को उजागर करती है, जिसमें एक बहू ने अपने परिवार के सदस्य को बंधक बना लिया है। पुलिस और प्रशासन की लापरवाही ने इस स्थिति को और जटिल बना दिया है। ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और ऐसे विवादों से निपटा जा सके।

