बीजेपी बनाएगी अपना उपराष्ट्रपति, रामनाथ ठाकुर समेत अन्य नामों की अटकलों पर विराम

बीजेपी बनाएगी अपना उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली: जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी अब अपने अगले उपराष्ट्रपति का चुनाव करने की प्रक्रिया में जुट गई है। इस विषय में कई नामों की चर्चा हो रही है, लेकिन पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इस बार अपने किसी मजबूत और विचारधारा से जुड़े नेता को उपराष्ट्रपति पद पर नियुक्त करने के लिए विचार कर रही है।

उपराष्ट्रपति पद के लिए नई खोज

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद से बीजेपी के लिए यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है कि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा। राष्ट्रपति ने धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, और अब बीजेपी के पास एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिससे पार्टी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि एनडीए गठबंधन के पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पर्याप्त संख्याबल है। बीजेपी इस मुद्दे पर विचार करते हुए अपने किसी मजबूत नेता को ही उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाने की तैयारी में है।

रामनाथ ठाकुर के नाम की चर्चा

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर से मुलाकात के बाद उनके नाम पर अटकलें तेज हो गई थीं। रामनाथ ठाकुर, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं और वे अतिपिछड़ी जाति से आते हैं। हालांकि, बीजेपी ने इस बारे में स्पष्ट किया कि यह मुलाकात केवल औपचारिक थी और इसमें उपराष्ट्रपति पद पर किसी प्रकार की चर्चा नहीं की गई। पार्टी ने जेडीयू से भी इस मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं की है।

बीजेपी का फैसला: पार्टी का नेता ही बनेगा उपराष्ट्रपति

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इस बार उपराष्ट्रपति पद की कुर्सी गठबंधन के किसी सहयोगी दल के नेता को देने के बजाय, पार्टी की विचारधारा से जुड़े एक मजबूत नेता को ही यह जिम्मेदारी सौंपना चाहती है। बीजेपी के पास ऐसे कई नेता हैं, जो पार्टी कैडर से निकले हुए और राष्ट्रीय राजनीति में मंझे हुए हैं।

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “हम इस मामले में अभी विचार कर रहे हैं, लेकिन हमारी प्राथमिकता किसी ऐसे नेता को चुनने की होगी, जिनकी छवि निर्विवादित हो और जो पार्टी की विचारधारा से जुड़ा हो।”

वेंकैया नायडू जैसे चेहरे की तलाश

बीजेपी के नेता ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी इस बार वेंकैया नायडू जैसे वरिष्ठ और सम्मानित चेहरे को उपराष्ट्रपति पद पर देख सकती है। नायडू 2017 में उपराष्ट्रपति चुने गए थे और वे पहले बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके थे, साथ ही पीएम मोदी की कैबिनेट में भी मंत्री थे। इस बार भी पार्टी का यही लक्ष्य हो सकता है कि एक मंझे हुए और सिद्ध नेता को उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी दी जाए।

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हरिवंश का नाम भी चर्चा में

बीजेपी के लिए एक और नाम जो चर्चा में है वह है हरिवंश नारायण सिंह का, जो वर्तमान में राज्यसभा के उपसभापति हैं। यदि बीजेपी विचार-विमर्श के बाद तय करती है कि उपराष्ट्रपति पद पर कोई अनुभवपूर्ण और आदर्श व्यक्तित्व होना चाहिए, तो हरिवंश का नाम भी एक विकल्प हो सकता है।

उपराष्ट्रपति पद का कार्यभार

संविधान में उपराष्ट्रपति पद के कार्यभार सौंपने के लिए किसी औपचारिकता की जरूरत नहीं होती, क्योंकि राज्यसभा के सभापति के रूप में पहले से ही उपसभापति मौजूद होते हैं। वर्तमान में हरिवंश इस पद पर कार्यरत हैं, और उनका कार्यकाल जारी है।

निष्कर्ष

बीजेपी के अंदर इस समय उपराष्ट्रपति पद को लेकर कई विचार विमर्श हो रहे हैं, और पार्टी पूरी तरह से यह सुनिश्चित करने में लगी हुई है कि वह इस बार एक दमदार और निर्विवाद नेता को उपराष्ट्रपति बनाए। चुनाव प्रक्रिया में भी जल्द ही बीजेपी किसी न किसी नेता का नाम तय करेगी, जो पार्टी की विचारधारा का सही प्रतिनिधित्व करेगा और देश के उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी निभाएगा।

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