📍 मजदूरी कर पढ़ाया, ससुर ने बेची फसल, फिर भी पत्नी ने छोड़ा साथ; पीड़ित पति पहुंचा कलेक्टर के पास
राजस्थान के भरतपुर जिले से एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उसका आरोप है कि उसने मजदूरी कर पत्नी को पढ़ाया, बीएसटीसी कराई और कोचिंग दिलवाकर सरकारी स्कूल शिक्षक की नौकरी लगवाई। लेकिन नौकरी लगते ही पत्नी ने उसके साथ रिश्ता तोड़ दिया।
यह मामला जिले की भुसावर तहसील के सलेमपुर खुर्द गांव का है, जहां रहने वाले अनूप कुमार ने अपनी पत्नी के व्यवहार से आहत होकर अब प्रशासन से न्याय की मांग की है।
👰 शादी के बाद शुरू हुआ संघर्ष, सपना पूरा होते ही छूट गया साथ
अनूप कुमार ने बताया कि उसकी शादी 14 नवंबर 2021 को पास के गांव नगला हवेली निवासी पंकज कुमारी से हुई थी। शादी के बाद पत्नी ने सरकारी नौकरी पाने की इच्छा जताई। अनूप ने मजदूरी कर उसे बीएसटीसी की पढ़ाई और कोचिंग दिलवाई।
अनूप ने कहा:
“मैंने दिन-रात मेहनत की, शहर में किराये का कमरा लिया, पढ़ाई और खाने-पीने का सारा खर्चा उठाया। यहां तक कि मेरे पिता ने भी पढ़ाई के लिए फसल बेच दी। पत्नी ने बीएसटीसी 2021 में की और फिर 2023 की प्रथम स्तर शिक्षक भर्ती में पास होकर सरकारी टीचर बन गई।”
⚠️ सरकारी टीचर बनते ही बदला व्यवहार, पति को बताया बेरोजगार
अनूप का आरोप है कि जैसे ही पंकज को सरकारी नौकरी मिली, उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह रोज ससुराल में झगड़े करने लगी और बात-बात पर ताने देने लगी कि उसका पति बेरोजगार है।
अनूप बताते हैं:
“नौकरी लगने के बाद उसने सास-ससुर से लड़ना शुरू कर दिया। फिर मई 2025 में उसने मेरे साथ रहने से साफ इंकार कर दिया।”
🧓 परिवार की उम्मीदें टूटीं, ससुर ने भी बेची थी फसल
अनूप के पिता मोतीलाल ने बताया कि उन्होंने अपनी बहू को बेटी की तरह पढ़ाया।
“मैंने भी उसकी पढ़ाई के लिए अपनी फसल बेच दी। हमने उम्मीद की थी कि घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन अब वह हमारे बेटे को छोड़कर अलग रह रही है।”
परिवार का कहना है कि उन्हें भावनात्मक और आर्थिक दोनों स्तरों पर नुकसान हुआ है।
🏛️ अब प्रशासन से न्याय की गुहार, क्या मिलेगा समाधान?
अब अनूप कुमार और उसके परिवार ने जिला प्रशासन से अपील की है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए। कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई है, और उम्मीद है कि महिला अधिकार, वैवाहिक कानून और पारिवारिक विवाद की प्रक्रिया के अनुसार जल्द सुनवाई की जाएगी।
📌 निष्कर्ष: सवालों के घेरे में रिश्तों की बुनियाद
यह मामला उन हजारों परिवारों के लिए एक चेतावनी है जो सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें विश्वासघात मिलता है। सवाल यह है कि क्या अब कानून इस पीड़ित परिवार की मदद करेगा?
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