अमेरिका के सबसे बड़े शहर में भारतीय मूल का परचम
अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव में जोरदार जीत हासिल की, जबकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और निर्दलीय उम्मीदवार एंड्रयू कुओमो के तीखे विरोध के बावजूद उन्होंने अपना जनाधार बरकरार रखा।
डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार जोहरान ममदानी ने निर्दलीय उम्मीदवार एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा को बड़े अंतर से हराकर अमेरिकी राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ा।
ट्रंप की धमकियों और विरोध के बीच दर्ज की जीत
चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने खुले तौर पर एंड्रयू कुओमो का समर्थन किया था और सोशल मीडिया पर ममदानी को चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद जोहरान ममदानी ने अपने युवा और प्रगतिशील एजेंडे के दम पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत ट्रंप के राजनीतिक प्रभाव में गिरावट और नए सामाजिक-आर्थिक विमर्श के उभार का संकेत है।
1969 के बाद सबसे ज़्यादा वोटिंग
न्यूयॉर्क चुनाव बोर्ड के अनुसार, इस चुनाव में 20 लाख से अधिक मतदाताओं ने वोट डाला — यह 1969 के बाद मेयर चुनाव में सबसे अधिक मतदान रहा। शहर की आबादी लगभग 85 लाख है और भारी मतदान ने यह साबित कर दिया कि जनता बदलाव चाहती थी।
ममदानी के अचानक उभार ने शहर के अमीर अभिजात वर्ग और राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है।
डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट पार्टी का नया चेहरा
34 वर्षीय जोहरान ममदानी अब अमेरिका की डेमोक्रेटिक राजनीति का नया चेहरा बन चुके हैं। उन्होंने अपने अभियान में आर्थिक असमानता, सस्ती आवास नीति, और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को केंद्र में रखा।
उनकी नीतियों को वर्मोंट के सीनेटर बर्नी सैंडर्स और न्यूयॉर्क की सांसद एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ (AOC) जैसे नेताओं का समर्थन मिला। ममदानी ने कहा,
“यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि उन सभी मेहनतकश लोगों की है जो बेहतर और समान न्यूयॉर्क का सपना देखते हैं।”
परिवार का समर्थन और भावनात्मक पल
जोहरान ममदानी की पत्नी रमा दुवाजी ने न्यूयॉर्क के एस्टोरिया क्वींस इलाके में वोट डाला। उन्होंने मतदान के बाद इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा —
“Let’s go NYC!”
उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और हजारों समर्थकों ने इस संदेश को साझा किया।
विजय समारोह में उमड़ा जनसैलाब
ममदानी की जीत का जश्न ब्रुकलिन पैरामाउंट थिएटर में मनाया गया, जहां उनके समर्थक संगीत और नारेबाजी के साथ जमा हुए। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, थिएटर के बाहर लंबी कतारें लगीं और माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया।
वहीं, एंड्रयू कुओमो के कैंप में निराशा का माहौल था। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, कुओमो की टीम भारी मतदान से चिंतित थी क्योंकि युवा और उदारवादी मतदाता बड़े पैमाने पर ममदानी के पक्ष में वोट कर रहे थे।
अन्य राज्यों में भी डेमोक्रेट्स की बढ़त
न्यूयॉर्क के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी डेमोक्रेट्स का प्रदर्शन शानदार रहा।
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मिकी शेरिल ने न्यू जर्सी के गवर्नर पद का चुनाव जीता।
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एबिगेल स्पैनबर्गर ने वर्जीनिया के गवर्नर पद पर जीत दर्ज की।
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आफताब पुरवाल, जो भारतीय मूल के हैं, ने सिनसिनाटी मेयर चुनाव में कोरी बोमन को हराया।
भारतीय प्रवासियों के लिए गौरव का क्षण
जोहरान ममदानी की यह जीत न सिर्फ अमेरिकी राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण है, बल्कि भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी गर्व का विषय है। उनका यह उभार दुनिया को यह संदेश देता है कि मेहनत, विचार और समानता का सपना किसी भी समाज में सफलता दिला सकता है।
निष्कर्ष: बदलाव की ओर बढ़ता न्यूयॉर्क
जोहरान ममदानी की जीत ने यह साफ कर दिया है कि अब न्यूयॉर्क का मतदाता नए विचारों और सामाजिक न्याय के एजेंडे को अपनाने को तैयार है। यह नतीजा अमेरिका की राजनीति में एक नई प्रगतिशील दिशा की ओर संकेत करता है।
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