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भारत-पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप मैच में मोबाइल विवाद: सरफराज अहमद ने तोड़े ICC नियम या गलतफहमी बनी वजह?

सरफराज अहमद ने तोड़े ICC नियम या गलतफहमी बनी वजह?

भारत-पाकिस्तान अंडर-19 मैच में उठा विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-6 मुकाबले में रोमांच के साथ-साथ विवाद भी देखने को मिला। यह मैच 1 फरवरी को जिम्बाब्वे के बुलावायो स्थित क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया, जहां भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 58 रनों से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस हार के साथ ही पाकिस्तान का टूर्नामेंट सफर समाप्त हो गया।


सरफराज अहमद पर क्यों लगे आरोप?

मैच के दौरान पाकिस्तान अंडर-19 टीम के मेंटर सरफराज अहमद डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते नजर आए। जैसे ही उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। आरोप लगाया गया कि सरफराज ने आईसीसी (ICC) के नियमों का उल्लंघन किया है, क्योंकि मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित होता है।


ICC के नियम क्या कहते हैं?

आईसीसी के नियमों के अनुसार, प्लेयर और मैच ऑफिशियल एरिया (PMOA) में किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस—जैसे मोबाइल फोन, टैबलेट या लैपटॉप—का इस्तेमाल आमतौर पर प्रतिबंधित रहता है। इसका मकसद मैच पर किसी भी बाहरी प्रभाव, अनुचित संचार या संभावित मैच फिक्सिंग को रोकना होता है।
आईसीसी नियम 4.2.1 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि PMOA में मौजूद किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस रखने या इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है।


क्या सरफराज अहमद ने नियम तोड़े?

इस पूरे विवाद में एक अहम तथ्य सामने आया है, जिसे कई लोगों ने नजरअंदाज कर दिया। सरफराज अहमद पाकिस्तान अंडर-19 टीम में दोहरी भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने उन्हें टीम का मेंटर होने के साथ-साथ टीम मैनेजर भी नियुक्त किया है।

आईसीसी के नियमों के अनुसार, टीम मैनेजर को PMOA में मोबाइल फोन रखने और इस्तेमाल करने की अनुमति होती है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। मोबाइल का उपयोग केवल क्रिकेट संचालन से जुड़े कामों या किसी खिलाड़ी अथवा सपोर्ट स्टाफ से जुड़े जरूरी निजी मामलों के लिए ही किया जा सकता है।


नियमों के दायरे में सरफराज का मोबाइल उपयोग

आईसीसी नियम 4.2.1 के तहत, यदि कोई व्यक्ति टीम मैनेजर की भूमिका में है, तो उसका मोबाइल फोन इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाता, बशर्ते वह इसका गलत उपयोग न करे। इस आधार पर देखा जाए, तो सरफराज अहमद का मोबाइल फोन इस्तेमाल पूरी तरह से आईसीसी के नियमों के अंतर्गत आता है।


ICC की ओर से कोई कार्रवाई नहीं

सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बावजूद, फिलहाल आईसीसी की ओर से इस मामले में किसी जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। न ही यह पुष्टि हुई है कि सरफराज अहमद ने किसी नियम का उल्लंघन किया है।


निष्कर्ष

भारत-पाकिस्तान अंडर-19 मुकाबले के दौरान उठा यह मोबाइल विवाद ज्यादा गलतफहमी का नतीजा नजर आता है। उपलब्ध नियमों और सरफराज अहमद की भूमिका को देखते हुए, उनके खिलाफ नियम तोड़ने के ठोस सबूत नहीं मिलते। ऐसे में यह मामला फिलहाल सोशल मीडिया चर्चा तक ही सीमित है।

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