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भिवाड़ी में दर्दनाक हादसा: खेलते-खेलते गड्ढे में गिरी 5 साल की बच्ची, क्रेशर मशीन की गिट्टी में दबकर मौत

खेलते-खेलते गड्ढे में गिरी 5 साल की बच्ची, क्रेशर मशीन की गिट्टी में दबकर मौत

राजस्थान के भिवाड़ी के तिजारा क्षेत्र में एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जहां खेल रही एक मासूम बच्ची की क्रेशर मशीन की गिट्टी में दबकर मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाई देता है कि बच्ची गड्ढे में गिर जाती है और ऊपर से लगातार गिट्टी गिरती रहती है।


कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?

यह हादसा 20 नवंबर को तब हुआ, जब 5 वर्षीय बच्ची अपने माता-पिता के साथ क्रेशर साइट पर मौजूद थी। बच्ची के पिता अमित और उनकी पत्नी क्रेशर मशीन पर सफाई का काम कर रहे थे, जबकि उनकी बेटी पास ही खेल रही थी।

खेलते समय बच्ची अचानक फिसल कर गड्ढे में गिर गई। उसी समय क्रेशर मशीन का ड्राइवर गड्ढे में गिट्टी डालना शुरू कर चुका था। ड्राइवर ने बच्ची को नहीं देखा और लगातार गिट्टी गिराता रहा, जिससे बच्ची दबती चली गई।


पिता के शोर मचाने पर रुका काम

जब बच्ची के पिता ने अपनी बेटी को गिरते हुए देखा और जोर-जोर से चिल्लाया, तब जाकर वहां मौजूद कामगारों का ध्यान इस ओर गया। तुरंत मशीन बंद करवाई गई और मजदूरों ने फावड़ा और जेसीबी की मदद से गिट्टी को हटाना शुरू किया।

काफी कोशिश के बाद बच्ची को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी साँसें थम चुकी थीं। मौके पर मौजूद हर शख्स इस हादसे को देखकर दहल उठा।


पिता ने दर्ज कराई FIR

बच्ची के पिता अमित पुत्र मंगल प्रसाद, निवासी नोहडिया थाना शंकरगढ़ (प्रयागराज, यूपी), ने तिजारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि—

घटना के बाद मजदूरों और परिवार में मातम पसर गया।


वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई

घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्ची के शव का पोस्टमार्टम करवाया और उसे परिजनों को सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।

तिजारा थानाधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि—

“यह मामला 20 नवंबर का है। बच्ची की दर्दनाक मौत हुई है। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।”


घटना ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा क्रेशर साइट पर सुरक्षा इंतज़ामों की कमी को उजागर करता है।

इन सवालों ने प्रशासन और क्रेशर प्रबंधन की लापरवाही को कटघरे में खड़ा कर दिया है।


शोक में डूबा परिवार और मजदूर समुदाय

मासूम की दुखद मौत के बाद परिवार ही नहीं बल्कि उस क्षेत्र में काम करने वाले सभी मजदूरों में निराशा और गहरी पीड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी इस घटना को लेकर सदमे में हैं।

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