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भिवानी शिक्षिका मनीषा मौत केस: तीसरा पोस्टमार्टम, CBI जांच और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की एंट्री

तीसरा पोस्टमार्टम, CBI जांच और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की एंट्री

हरियाणा के भिवानी में 19 साल की शिक्षिका मनीषा की रहस्यमयी मौत ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। लगातार विरोध और परिवार की मांग के बाद सरकार ने केस को CBI को सौंपने का ऐलान कर दिया। वहीं, एम्स दिल्ली में तीसरे पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस बीच गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आने से मामला और पेचीदा हो गया है।


लापता होने से लेकर शव मिलने तक

11 अगस्त को मनीषा स्कूल से घर लौटते समय लापता हो गई थी। बताया जाता है कि वह नर्सिंग कॉलेज में दाखिले की जानकारी लेने गई थी। दो दिन बाद, 13 अगस्त को उसका शव भिवानी के खेत में मिला। घटना के बाद से गांव और आसपास के इलाकों में गुस्से का माहौल फैल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहे।


गांव में विरोध और इंटरनेट सेवाएं बंद

मनीषा की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने भिवानी और चरखी दादरी जिलों में सड़कों को जाम कर दिया। प्रदर्शन बढ़ने पर प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। हालात बिगड़ते देख सरकार ने 48 घंटे तक मोबाइल इंटरनेट, बल्क एसएमएस और डोंगल सेवाओं पर रोक लगा दी।


सरकार और पुलिस का दावा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार मामले की गंभीर और पारदर्शी जांच करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि परिवार की मांग के अनुसार केस CBI को सौंपा जा रहा है।
वहीं पुलिस का दावा है कि मनीषा ने जहर खाकर आत्महत्या की। पुलिस के अनुसार, शव के पास से बैग, आधार कार्ड और एक कथित सुसाइड नोट मिला। साथ ही कीटनाशक खरीदने के सबूत और विसरा रिपोर्ट में शरीर में जहर की पुष्टि भी सामने आई।


परिवार और ग्रामीणों की आपत्ति

पुलिस की थ्योरी को परिवार और ग्रामीणों ने नकार दिया। मनीषा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। ग्रामीणों ने भी पुलिस की जांच को संदिग्ध बताया और विरोध जारी रखा। इसी वजह से शव को तीसरी बार पोस्टमार्टम के लिए दिल्ली एम्स भेजना पड़ा।


तीसरा पोस्टमार्टम और CBI जांच का ऐलान

दिल्ली एम्स में तीसरे पोस्टमार्टम के बाद ही परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ। इस बीच सरकार ने केस को CBI को सौंपने का निर्णय लिया और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। सरकार के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।


गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम जुड़ा

इस केस में नया मोड़ तब आया जब गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से सोशल मीडिया पर धमकी भरे संदेश वायरल हुए। पोस्ट में लिखा गया था कि “बहन मनीषा को इंसाफ दिलाया जाएगा, चाहे सामने कितना भी पावरफुल आदमी क्यों न हो।” बिश्नोई गिरोह ने सरकार और पुलिस को भी चेतावनी दी कि अगर परिवार को न्याय नहीं मिला तो वे अपने तरीके से इंसाफ करेंगे।


सियासी घमासान

मनीषा केस ने हरियाणा की राजनीति को भी गरमा दिया। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रशासन मामले को आत्महत्या साबित करने की कोशिश कर रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चारुनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चारुनी ने भी सरकार को घेरा और कहा कि जनता के दबाव के कारण ही CBI जांच का फैसला लिया गया।


महिला आयोग की सक्रियता

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया भिवानी पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोग हर स्तर पर उनके साथ खड़ा है और जांच निष्पक्ष तरीके से होगी।


नतीजा

मनीषा की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। जहां पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, वहीं परिवार और ग्रामीण इसे हत्या मान रहे हैं। CBI जांच शुरू होने के बाद अब सबकी निगाहें इस केस के सच पर टिकी हैं।

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