भोपाल, मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश में हाल ही में शुरू हुई कांस्टेबलों की ट्रेनिंग में एक नया और दिलचस्प पहलू सामने आया है। राज्य के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एडीजी ट्रेनिंग राजाबाबू सिंह ने जवानों को रोज़ाना रामचरितमानस का पाठ करने का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि यह धार्मिक अनुष्ठान जवानों को मानसिक मजबूती और जीवन के कठिनाइयों से निपटने की प्रेरणा देगा।
जवानों को रामचरितमानस से सीखने की सलाह
राजाबाबू सिंह, जो 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, ने यह सलाह 2 दिन पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान दी। इस बैठक में राज्य के विभिन्न पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों के एसपी और नवनियुक्त कांस्टेबल जुड़े थे। एडीजी ने कहा कि भगवान राम के जीवन से कई मूल्यवान पाठ मिलते हैं, जिन्हें जवानों को अपनाना चाहिए। उन्होंने राम के संघर्षों, उनके वनवास के दौरान जीवन की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा, “भगवान राम ने 14 वर्षों तक वनवास में रहकर न केवल कठिनाइयों का सामना किया, बल्कि उन्होंने अपने व्यवहार से समाजिक समरसता, प्राकृतिक प्रेम और सीमित संसाधनों में भी विजय प्राप्त की। यही कारण है कि जवानों को रामचरितमानस का पाठ करना चाहिए।”
पुलिस ट्रेनिंग में रामचरितमानस का महत्व
राजाबाबू सिंह का मानना है कि पुलिस जवानों को नए कानूनों, अपराधों से निपटने की रणनीतियां और सामाजिक समरसता सिखाने के लिए रामचरितमानस जैसे धार्मिक ग्रंथों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनका कहना है, “रामचरितमानस का पाठ करने से जवानों को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और नई परिस्थितियों में ढलने की कला प्राप्त होती है। जैसे राम ने अपनी यात्रा के दौरान न केवल युद्ध की रणनीति बनाई, बल्कि सामाजिक समरसता और आत्मबल का भी विकास किया, ठीक उसी प्रकार पुलिस को भी कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयार होना चाहिए।”
कांस्टेबलों की ट्रेनिंग और बढ़ती समस्याएं
मध्यप्रदेश में हाल ही में 4,000 से अधिक कांस्टेबलों की भर्ती हुई है, जिनकी ट्रेनिंग 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है और यह ट्रेनिंग अगले 9 महीने तक चलेगी। राज्य के आठ विभिन्न पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों में कांस्टेबलों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इस दौरान, एडीजी राजाबाबू सिंह ने बताया कि बहुत से जवानों ने ट्रेनिंग सेंटर बदलने के लिए आवेदन भेजे हैं, क्योंकि वे घर से दूर होने की वजह से घर की याद और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। इसके चलते, राजाबाबू सिंह ने उन्हें रामचरितमानस का पाठ करने की सलाह दी, ताकि वे भगवान राम की संघर्षशीलता से प्रेरणा लेकर इन मुश्किलों का सामना कर सकें।
आईपीएस राजाबाबू सिंह का परिचय
राजाबाबू सिंह, जो 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, मध्यप्रदेश, दिल्ली बीएसएफ मुख्यालय, जम्मू-कश्मीर में बतौर आईजी बीएसएफ और ITBP में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे ग्वालियर जोन के एडीजी के रूप में रहते हुए हजारों भागवत गीता की प्रतियां बांट चुके हैं। श्रीनगर में बीएसएफ आईजी रहते हुए उनकी नेतृत्व में आयोजित 20 किमी की साइकिल तिरंगा रैली भी काफी चर्चित रही थी। इसके अलावा, वे दिसंबर 1992 में अयोध्या भी गए थे, जहां उन्होंने राम मंदिर के निर्माण के लिए एक ईंट समर्पित की थी।
निष्कर्ष
राजाबाबू सिंह का यह सुझाव, जिसमें उन्होंने पुलिस कांस्टेबलों को रामचरितमानस का पाठ करने के लिए प्रेरित किया है, न केवल एक धार्मिक पहल है बल्कि यह जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को भी बढ़ाने का एक प्रयास है। पुलिस ट्रेनिंग के दौरान इस तरह के सुझाव जवानों को न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी तैयार करने में मदद करेंगे, जिससे वे अपने कार्यों में और भी सशक्त और प्रेरित महसूस करेंगे।
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