मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में 6 वर्षीय बच्ची के साथ हुए निर्मम अत्याचार ने पूरे प्रदेश को दहला दिया है। गौहरगंज थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। बच्ची फिलहाल भोपाल एम्स के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है, जबकि आरोपी पांच दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
घटना ने हिलाया प्रदेश, बच्ची ICU में कर रही जिंदगी से संघर्ष
शुक्रवार 21 नवंबर की रात एक 23 वर्षीय आरोपी सलमान उर्फ नज़र ने 6 साल की मासूम बच्ची के साथ बर्बर यौन उत्पीड़न किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बच्ची को बेहद गंभीर हालत में एम्स भोपाल लाया गया, जहां उसकी तुरंत सर्जरी की गई।
डॉक्टरों ने बताया कि:
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बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें हैं
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अंदरूनी चोटों के कारण कई जटिल उपचार किए गए
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पूरी तरह ठीक होने में 6 महीने से अधिक समय लग सकता है
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तीन महीने बाद एक और सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है
डॉक्टरों ने यह भी कहा कि भले ही हालत स्थिर होने की उम्मीद है, लेकिन पूर्ण रूप से ठीक होने में समय और सावधानी दोनों की आवश्यकता होगी।
आरोपी अब तक फरार, 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तलाश में
घटना के छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी सलमान अभी भी फरार है। प्रदेश भर से 20 विशेष टीमों और लगभग 300 पुलिसकर्मियों को उसकी तलाश में लगाया गया है।
इसके बावजूद आरोपी का कोई सुराग न मिलने से लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआती लापरवाही और धीमी कार्रवाई के कारण आरोपी भाग निकला।
क्षेत्र में उबाल: बंद का ऐलान, सड़कों पर उतर रही जनता
बर्बर घटना के विरोध में गौहरगंज, औबेदुल्लागंज और आसपास के क्षेत्रों में जनआक्रोश चरम पर है। बुधवार को कई संगठनों ने बंद का आह्वान किया, जिसे लोगों ने भारी समर्थन दिया।
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बाज़ार बंद
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निजी स्कूलों ने अवकाश घोषित किया
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जगह-जगह प्रदर्शन
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आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
लोगों का कहना है कि सिर्फ अधिकारियों पर कार्रवाई करने से न्याय नहीं मिलेगा। जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
टीआई और एसपी पर गिरी गाज, पुलिस पर बढ़ाई गई सख्ती
घटना की गंभीरता और बढ़ते जनआक्रोश के चलते प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।
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गौहरगंज टीआई को हटाया गया
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एसपी पर भी कार्रवाई की गई
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पूरे जिले की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया
राज्य पुलिस विभाग ने बताया कि आरोपी को जल्द पकड़ने के लिए जंगलों, गांवों, बस स्टैंड, हाईवे और सीमावर्ती इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
समाज में डर और गुस्सा दोनों—लोगों ने मांगा कठोर दंड
इस दर्दनाक घटना के बाद महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल फिर उठ खड़े हुए हैं। ग्रामीण और स्थानीय संगठनों ने सरकार से मांग की है कि:
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आरोपी को जल्द पकड़कर कठोर सजा दी जाए
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बच्ची के परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए
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ऐसे मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाए
लोगों का कहना है कि इतनी छोटी बच्ची के साथ हुई हैवानियत समाज के लिए शर्मनाक है और इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम जरूरी हैं।
निष्कर्ष
रायसेन की इस घटना ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। मासूम बच्ची का इलाज जारी है, लेकिन उसकी जिंदगी की लड़ाई अभी लंबी है। वहीं आरोपी की गिरफ्तारी न होने से जनता का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन और पुलिस पर अब दबाव है कि आरोपी को जल्द पकड़कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।

