भीषण बारिश और बाढ़ से गुना में तबाही
मध्य प्रदेश के गुना जिले में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात बेकाबू हो गए हैं। 13 इंच बारिश के बाद इलाके में जलस्तर बढ़ने से घरों में पानी घुस गया और वाहन पानी में तैरते हुए दिखाई दिए। न्यू सिटी कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी, और गोविंद गार्डन जैसे इलाकों में एक मंजिल तक घर डूब गए। इन इलाकों में रह रहे लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
जलप्रलय ने तबाही मचाई, दो मौतें
गुना जिले के नानाखेड़ी इलाके में जलभराव के कारण दो व्यक्तियों की जान चली गई। लक्ष्मण कोरी और सोनू नाम के इन व्यक्तियों की मौत सड़क पर बहते पानी में डूबने से हुई। दोनों के शवों को बरामद कर लिया गया है। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सेना और NDRF की मदद
गुना के कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना और NDRF की टीम को बुलाया गया है। साथ ही, सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। इन राहत कार्यों में भारतीय वायुसेना की भी मदद ली जा रही है, जो फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर भेज रही है।
सिंधिया ने प्रशासन को दिए निर्देश
गुना के सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थानीय प्रशासन को राहत कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। सिंधिया ने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के माध्यम से एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
सिंधिया ने X पोस्ट पर लिखा, “मेरे गुना संसदीय क्षेत्र के बदरवास, कोलारस और अन्य बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे नागरिकों को भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयरलिफ्ट किया जा रहा है। मैंने इस संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ जी, एयर वाइस मार्शल विक्रम गौड़, और एओसी मनीष शर्मा से समन्वय किया है। हम निरंतर ज़िला प्रशासन, NDRF, भारतीय वायुसेना और राज्य सरकार के संपर्क में हैं। हर नागरिक की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”
कई इलाके डूबे, राहत की आस
गुना जिले के कई अन्य इलाकों में भी बाढ़ के कारण जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। जलस्तर बढ़ने से किसानों की फसलें और खेत भी जलमग्न हो गए हैं। रेस्क्यू टीम लगातार प्रयासरत है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ राहत सामग्री वितरित की जा रही है।
जलवायु परिवर्तन और बाढ़ की बढ़ती घटनाएं
इस घटना ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन और बाढ़ की बढ़ती घटनाओं को उजागर किया है। बारिश के कारण बाढ़ आना अब अधिक सामान्य हो रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में जो पहले कभी बाढ़ से प्रभावित नहीं थे। विशेषज्ञों का मानना है कि अब समय आ गया है कि सरकारें और स्थानीय प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए और बेहतर योजनाएं तैयार करें।
निष्कर्ष: प्रशासन की तत्परता और मदद की जरूरत
गुना में इस समय बाढ़ से उत्पन्न संकट को देखते हुए प्रशासन की तत्परता बेहद अहम हो गई है। राहत कार्यों में तेज़ी लाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन को लगातार काम करना होगा। इस समय सबसे ज़रूरी बात यह है कि सभी फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित निकाला जाए और उनके जीवन को पुनः सामान्य किया जाए।

