सिंधुदुर्ग, महाराष्ट्र:
महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में समुद्र किनारे पिकनिक मनाने गए एक ही परिवार के आठ लोगों में से तीन की डूबकर मौत हो गई, जबकि चार अभी भी लापता हैं। यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार शाम करीब 4 बजे शिरोडा-वेलाघर समुद्र तट पर हुआ। परिवार के सभी सदस्य समुद्र में नहाने के लिए उतरे थे, लेकिन तेज लहरों और गहराई का अंदाज़ा न लग पाने के कारण हादसे का शिकार हो गए।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के मुताबिक, एक ही परिवार के आठ सदस्य शुक्रवार को पिकनिक मनाने के लिए समुद्र तट पहुंचे थे। तैरने के लिए सभी समुद्र में उतरे, लेकिन समुद्र की तेज लहरों और गहराई के चलते एक-एक कर सभी बहने लगे।
स्थानीय लोगों और पुलिस को जैसे ही जानकारी मिली, बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। स्थानीय आपदा प्रबंधन दल और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चलाया।
तीन के शव बरामद, चार की तलाश जारी
अब तक इस हादसे में जिन तीन लोगों के शव बरामद किए गए हैं, उनकी पहचान इस प्रकार की गई है:
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फ़रीन इरफ़ान कित्तूर (34 वर्ष)
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इबाद इरफ़ान कित्तूर (13 वर्ष)
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नामीरा आफ़ताब अख्तर (16 वर्ष)
वहीं, जिन चार लोगों की तलाश जारी है, उनके नाम हैं:
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इफ़रन मोहम्मद कित्तूर (36 वर्ष)
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इकवान इमरान कित्तूर (15 वर्ष)
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फ़रहान मनियार (25 वर्ष)
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ज़ाकिर निसार मनियार (13 वर्ष)
बचाव दल को अभी तक इन चारों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
एक लड़की को बचाया गया
हादसे के समय समुद्र में मौजूद एक 16 वर्षीय लड़की को सुरक्षित बचा लिया गया है। वह अब स्थिर स्थिति में है और उसे मेडिकल निगरानी में रखा गया है।
कहां से आए थे पिकनिक पर?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डूबने वाले आठों लोग एक ही परिवार से थे।
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इनमें से दो लोग महाराष्ट्र के कुडाल (सिंधुदुर्ग) से थे।
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बाकी छह कर्नाटक के बेलगावी से पिकनिक मनाने आए थे।
पुलिस और प्रशासन सतर्क
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने समुद्र तट पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस बीच पर तैराकी करते समय किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। प्रशासन ने अब लोगों से अपील की है कि समुद्र में नहाने से पहले स्थानीय गाइडेंस और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
समुद्र में सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर समुद्र तटों पर सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करता है।
स्थानीय लोग और पर्यटक सवाल उठा रहे हैं:
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क्या समुद्र तट पर लाइफ गार्ड्स की तैनाती नहीं होनी चाहिए?
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बिना सुरक्षा व्यवस्था के लोगों को गहरे पानी में उतरने की अनुमति क्यों दी जाती है?
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क्या ऐसे पर्यटन स्थलों पर सावधानी संबंधी बोर्ड और चेतावनियां पर्याप्त हैं?
प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
सिंधुदुर्ग जिले के प्रशासन ने इस हादसे की विवेचना शुरू कर दी है। साथ ही रेस्क्यू टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि लापता लोगों की जल्द से जल्द तलाश की जा सके।
निष्कर्ष
एक ही परिवार के लिए यह पिकनिक एक भयानक दुःस्वप्न बन गई। समुद्र की गहराई और लहरों की ताकत को कम आंकना जानलेवा साबित हो सकता है। यह घटना उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है जो समुद्र किनारे मौज-मस्ती के लिए जाते हैं।

