मुंबई के भांडुप रेलवे स्टेशन के बाहर सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शहर को हिला कर रख दिया. बेकाबू बेस्ट (BEST) बस ने सड़क किनारे खड़े और गुजर रहे 13 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. इस हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और गुस्से का माहौल बन गया.
रात 9:30 बजे का भयावह मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सोमवार रात करीब 9:30 बजे हुआ. लोग दिनभर की मेहनत के बाद घर लौट रहे थे. भांडुप रेलवे स्टेशन के बाहर हमेशा की तरह चहल-पहल थी. तभी अचानक एक खाली बेस्ट बस तेज रफ्तार में बेकाबू हो गई और सामने खड़े लोगों को कुचलती चली गई. किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला.
4 की मौत, 9 की हालत गंभीर
इस हादसे में 3 महिलाओं और 1 पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां 9 लोगों का इलाज जारी है. डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. सड़क पर बिखरा सामान, खून के धब्बे और चीख-पुकार ने पूरे इलाके को दहला दिया.
हादसे के बाद भड़का लोगों का गुस्सा
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. गुस्साई भीड़ ने बस चालक को मौके पर ही पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ड्राइवर को भीड़ से बचाकर हिरासत में लिया. हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा.
जांच में जुटी पुलिस, ब्रेक फेल या लापरवाही?
जोन-7 के डीसीपी हेमराज सिंह राजपूत ने बताया कि बस चालक से पूछताछ की जा रही है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ या फिर ड्राइवर की लापरवाही से. फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है. हादसे के बाद स्टेशन रोड को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा.
बार-बार हो रहे हादसों पर सवाल
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले कुर्ला इलाके में भी इसी तरह का बड़ा बस हादसा हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान गई थी. लगातार हो रहे ऐसे हादसे मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. भांडुप हादसे में 4 परिवार हमेशा के लिए उजड़ गए, जबकि 9 परिवार अपने अपनों की सलामती के लिए अस्पतालों के बाहर दुआ कर रहे हैं.
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
हादसे के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं. लोग मांग कर रहे हैं कि बेस्ट बसों की तकनीकी जांच और ड्राइवरों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि मुंबई जैसी महानगर में सड़क सुरक्षा कितनी बड़ी चुनौती बन चुकी है.

