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मुंबई में भारी बारिश का कहर: विक्रोली में भूस्खलन से दो की मौत, कई इलाकों में जलभराव रेड अलर्ट जारी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

विक्रोली में भूस्खलन से दो की मौत, कई इलाकों में जलभराव

मुंबई, 16 अगस्त 2025 – महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बीते 24 घंटों से हो रही मूसलधार बारिश ने शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विक्रोली (पश्चिम) में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) में दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए हैं। घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भूस्खलन की चपेट में आया वर्षा नगर इलाका

बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) ने पुष्टि की है कि यह हादसा जनकल्याण सोसाइटी, वर्षा नगर, विक्रोली पार्क साइट में हुआ। देर रात हुई इस दुर्घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बचाव और राहत कार्य तुरंत शुरू किया गया, जिसमें फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल टीमों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला।

कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक और लोकल ट्रेनें प्रभावित

मुंबई के सायन, कुर्ला, चेंबूर, दादर और अन्य निचले इलाकों में गहरा जलभराव देखा गया। कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से लोकल ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी हो गई है। सुबह के समय ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सावधानी बरतें।

किश्तवाड़ में भी भूस्खलन, बचाव कार्य जारी

मुंबई के विक्रोली में हुए हादसे से पहले, शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिसोती गांव में भी भूस्खलन की भयावह घटना सामने आई थी। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अभी भी मलबे में फंसे हैं।

घटना के तुरंत बाद भारतीय सेना, SDRF, पुलिस और नागरिक प्रशासन ने संयुक्त रूप से बचाव और राहत अभियान शुरू किया। लगभग 300 जवानों और पांच चिकित्सा टुकड़ियों को राहत कार्य में लगाया गया है। घायल लोगों को किश्तवाड़ और जम्मू के अस्पतालों में पहुंचाया गया है, जबकि फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।

सरकार की ओर से राहत और सहायता जारी

दोनों घटनाओं को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें सतर्क हो गई हैं। प्रभावित इलाकों में भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता और अस्थायी शरण की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।


निष्कर्ष: प्राकृतिक आपदाओं से सतर्क रहने की ज़रूरत

मुंबई और किश्तवाड़ की घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयारी और सजगता बेहद जरूरी है। बारिश के मौसम में प्रशासनिक तैयारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल, राहत एजेंसियां और प्रशासन पूरी ताकत से लोगों की जान बचाने और हालात सामान्य करने में जुटे हुए हैं।

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