मुंबई लोकल या मौत की सवारी? आठ वर्षों में 8273 यात्रियों ने गंवाई जान, हादसों के ये हैं प्रमुख कारण

आठ वर्षों में 8273 यात्रियों ने गंवाई जान

मुंबई लोकल ट्रेन हादसों की बढ़ती संख्या

मुंबई लोकल ट्रेन यात्रा करने वालों के लिए एक आम और जरूरी यात्रा साधन है, लेकिन इन ट्रेनों में हो रहे हादसे अब एक गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। पिछले आठ वर्षों में 8273 यात्रियों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा दिखाता है कि मुंबई लोकल यात्रा के दौरान हो रहे हादसों में कितनी बढ़ोतरी हुई है, जिनमें से अधिकांश मौतें ट्रैक पार करते समय, ट्रेनों की चपेट में आकर या चलती ट्रेनों से गिरने के कारण हुईं।

मुंब्रा की घटना की जांच और प्रमुख कारण

मुंब्रा की हालिया घटना ने इस मामले को और अधिक उजागर किया। 9 जून को दो तेज़ गति से चल रही लोकल ट्रेनों के बीच यात्रा कर रहे आठ यात्रियों का संतुलन बिगड़ा और वे गिर गए। इस हादसे में पांच यात्रियों की मौत हो गई। इस घटना की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि जब ट्रैक पर कर्व आया, तो दरवाजे के पास खड़े यात्रियों का संतुलन बिगड़ गया, और जो यात्री कुछ पकड़ नहीं पाए, वे गिर गए।

इस घटना के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेंट्रल रेलवे से इस तरह के हादसों की रिपोर्ट मांगी, जिससे पता चला कि हादसों की मुख्य वजह रेलवे ट्रैक पर अतिक्रमण, असावधानी से ट्रैक पार करना और चलती ट्रेनों से गिरना है।

आंकड़ों में बढ़ोतरी और हादसों के कारण

सेंट्रल रेलवे ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में बताया कि 2025 के पहले पांच महीनों में ही 443 लोग या तो रेल पटरियों पर अतिक्रमण करते हुए या लोकल ट्रेनों से गिरकर मारे गए हैं। 2018 से 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार, ट्रैक पार करते समय या ट्रेनों से गिरने के कारण हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं:

  • 2018: ट्रैक पार करते समय 1022 मौतें, और ट्रेन से गिरने के कारण 482 मौतें
  • 2019: ट्रैक पार करते समय 920 मौतें, और ट्रेन से गिरने के कारण 426 मौतें
  • 2020: ट्रैक पार करते समय 471 मौतें, और ट्रेन से गिरने के कारण 134 मौतें
  • 2021: ट्रैक पार करते समय 748 मौतें, और ट्रेन से गिरने के कारण 189 मौतें
  • 2022: ट्रैक पार करते समय 654 मौतें, और ट्रेन से गिरने के कारण 510 मौतें
  • 2023: ट्रैक पार करते समय 782 मौतें, और ट्रेन से गिरने के कारण 431 मौतें
  • 2024 (मई तक): ट्रैक पार करते समय 293 मौतें, और ट्रेन से गिरने के कारण 150 मौतें

मुंबई लोकल में हादसों के प्रमुख कारण

सेंट्रल रेलवे के द्वारा दी गई जानकारी में स्पष्ट किया गया कि ट्रेन से गिरने और ट्रैक पार करते समय मौतों के पीछे प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • रेलवे पटरियों पर अतिक्रमण: कई लोग ट्रेन के आने से पहले रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।
  • चालू ट्रेन से गिरना: कई यात्री चलती ट्रेन के दरवाजे पर लटककर यात्रा करते हैं, जिसके कारण उनका संतुलन बिगड़ जाता है और वे गिरकर घायल या मारे जाते हैं।
  • असावधानी से ट्रैक पार करना: ट्रैक पार करते समय यात्री अक्सर अपनी सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है।

कोर्ट का निर्देश और रेलवे की जिम्मेदारी

बॉम्बे हाई कोर्ट ने इन हादसों को लेकर सेंट्रल रेलवे से रिपोर्ट मांगी और इसे गंभीरता से लेते हुए दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है। ट्रेनों से गिरने या पटरियों पर अतिक्रमण करने के मामलों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे को अब सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

निष्कर्ष: क्या मुंबई लोकल यात्रा सुरक्षित होगी?

मुंबई लोकल यात्रा की बढ़ती दुर्घटनाओं और यात्रियों की मौतों से यह सवाल उठता है कि क्या रेलवे अधिकारियों को यात्री सुरक्षा को लेकर और कड़े कदम नहीं उठाने चाहिए? अगर इन हादसों को रोकने के लिए जल्दी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में यह स्थिति और भी भयावह हो सकती है। यात्रियों को जागरूक करने के साथ-साथ रेलवे को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बेहतर उपायों की आवश्यकता है।

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