मुजफ्फरनगर |
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में डीएवी कॉलेज के छात्र उज्ज्वल राणा की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसने कुछ दिन पहले फीस के दबाव और प्रिंसिपल प्रदीप कुमार समेत कुछ पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए आत्मदाह किया था। मरने से पहले उज्ज्वल ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने साफ कहा था – “मुझे कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार प्रिंसिपल और पुलिसकर्मी होंगे।” उसकी मौत के बाद कॉलेज के बाहर हंगामा, विरोध और धरना शुरू हो गया।
🔹 फीस के दबाव में उज्ज्वल ने दी थी जान
जानकारी के मुताबिक, उज्ज्वल राणा डीएवी कॉलेज में बीए का छात्र था और उसका तीसरा सेमेस्टर चल रहा था। कॉलेज प्रशासन ने उससे ₹7,000 फीस मांगी थी, जिसमें से वह पहले ही ₹1,750 जमा कर चुका था। बाकी ₹5,250 का भुगतान करने में देरी होने पर कॉलेज की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि फीस जमा न करने पर कॉलेज प्रबंधन ने उज्ज्वल को क्लास और परीक्षा से रोकने की चेतावनी दी थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था।
🔹 वीडियो में उज्ज्वल ने किया था खुलासा
आत्मदाह से पहले उज्ज्वल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। उसमें उसने कॉलेज प्रिंसिपल प्रदीप कुमार और कुछ पुलिसकर्मियों पर मारपीट, गाली-गलौज और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे।
वीडियो में उज्ज्वल ने कहा था—
“अगर मैं कुछ कर लूं या मुझे कुछ हो जाए, तो इसके जिम्मेदार कॉलेज प्रिंसिपल और कुछ पुलिसवाले होंगे। उन्होंने मुझे बहुत प्रताड़ित किया है।”
वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज प्रशासन और पुलिस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
🔹 आत्मदाह के बाद हालत बिगड़ी, दिल्ली में तोड़ा दम
यह घटना बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के डीएवी कॉलेज परिसर में हुई थी, जहां उज्ज्वल ने पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगा ली थी। कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
गंभीर रूप से झुलसे उज्ज्वल को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर दिल्ली रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान शनिवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।
🔹 कॉलेज के बाहर छात्रों और ग्रामीणों का हंगामा
उज्ज्वल की मौत की खबर मिलते ही छात्रों और ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। बड़ी संख्या में लोग कॉलेज गेट पर एकत्र हो गए और प्रिंसिपल व पुलिसकर्मियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
उज्ज्वल के परिवार ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल और पुलिस की प्रताड़ना की वजह से ही उनके बेटे ने यह कदम उठाया। परिजनों ने कॉलेज के बाहर धरना प्रदर्शन किया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
🔹 बहन की शिकायत पर छह लोगों पर एफआईआर
मामले के बढ़ते दबाव के बाद रविवार शाम उज्ज्वल की बहन की तहरीर पर आधी दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर में नामजद लोग हैं —
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कॉलेज प्रबंधक
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प्रिंसिपल प्रदीप कुमार
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पीटीआई
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एक सब-इंस्पेक्टर
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दो सिपाही
मुजफ्फरनगर पुलिस ने बताया कि आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है और फिलहाल एक सब-इंस्पेक्टर व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
🔹 प्रशासन ने दिलाया न्याय का भरोसा
मामले में एसएसपी अभिषेक यादव ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा —
“वीडियो और सबूतों की जांच की जा रही है। किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
वहीं, जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता और कानूनी मदद देने का आश्वासन दिया है।
🔹 कॉलेज प्रबंधन ने दी सफाई
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने कहा कि फीस को लेकर किसी भी तरह का अनुचित दबाव नहीं बनाया गया था। प्रिंसिपल प्रदीप कुमार ने दावा किया कि छात्र मानसिक रूप से परेशान था और कॉलेज प्रबंधन की भूमिका को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
🔹 सोशल मीडिया पर उठे सवाल
उज्ज्वल राणा की मौत के बाद उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग कॉलेज प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। कई छात्र संगठनों ने इस घटना को लेकर न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
📌 मुख्य बिंदु एक नजर में:
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मुजफ्फरनगर डीएवी कॉलेज के छात्र उज्ज्वल राणा ने आत्मदाह किया
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फीस के दबाव और प्रिंसिपल पर प्रताड़ना के आरोप लगाए
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इलाज के दौरान दिल्ली में मौत
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परिजनों का धरना, छात्रों का हंगामा
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प्रिंसिपल, प्रबंधक और 3 पुलिसकर्मी पर एफआईआर दर्ज
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1 सब-इंस्पेक्टर और 2 सिपाही निलंबित
🔹 निष्कर्ष
उज्ज्वल राणा की मौत ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में फीस वसूली और प्रशासनिक मनमानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने न केवल मुजफ्फरनगर, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन दोषियों को सजा दिलाने में कितनी पारदर्शिता बरतता है।

