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मुजफ्फरनगर में बड़ा हादसा: केदारनाथ जा रहे श्रद्धालुओं की कार फ्लाईओवर से गिरी, चार दोस्तों की मौत

केदारनाथ जा रहे श्रद्धालुओं की कार फ्लाईओवर से गिरी

गुजरात से यात्रा पर निकले थे पांच श्रद्धालु

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुजरात के पांच युवक केदारनाथ की तीर्थ यात्रा पर निकले थे, जब उनकी तेज रफ्तार इनोवा कार फ्लाईओवर से नीचे गिर गई इस दुर्घटना में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसा पानीपत-खटीमा हाईवे पर हुआ

यह दर्दनाक हादसा पानीपत-खटीमा हाईवे पर स्थित सिसौना के पास बागोवाली पुलिया के निकट हुआ। तेज रफ्तार में दौड़ रही इनोवा कार अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर से नीचे गिर गई। जोरदार टक्कर और गिरने की वजह से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

स्थानीय लोगों और पुलिस ने चलाया राहत अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने मिलकर कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया गया। जहां डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान गुजरात के युवकों के रूप में हुई

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान कर्ण, भरत, अमित और विपुल के रूप में हुई है। ये सभी गुजरात के गांधीनगर और तारापुर क्षेत्र के निवासी थे। हादसे में जिगर नामक युवक घायल हुआ है, जिसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है।

केदारनाथ जा रहे थे श्रद्धालु

सभी युवक गुजरात से केदारनाथ यात्रा के लिए निकले थे और मुजफ्फरनगर होते हुए आगे जा रहे थे। लेकिन बागोवाली पुलिया के पास तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण न रहने के कारण यह दुखद हादसा हो गया।

परिजनों को दी गई सूचना, पुलिस कर रही जांच

मुजफ्फरनगर पुलिस ने मृतकों और घायल के परिजनों को सूचना दे दी है। सभी परिजन गुजरात से मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो चुके हैं। एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि, “हादसे की जांच की जा रही है। परिवार के सदस्यों के आने के बाद और अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।”

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स्थानीय लोगों में शोक की लहर

इस हादसे के बाद इलाके में शोक और सन्नाटा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया पर अक्सर हादसे होते रहते हैं, क्योंकि वहां कोई सुरक्षा रैलिंग या संकेतक नहीं है। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के उपाय बढ़ाने की मांग की है।


निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर में हुआ यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा में लापरवाही कितनी भयावह हो सकती है। श्रद्धालुओं की यह यात्रा एक दुखद मोड़ पर खत्म हो गई। प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि इस तरह के हादसों की समुचित जांच कर भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जाए।

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