कांवड़ यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसे
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान हुए अलग-अलग सड़क हादसों में दो कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। दोनों घटनाएं रविवार देर रात की हैं, जब कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे थे।
पहली घटना: पिकअप वाहन पलटा, एक की मौत
पहली दुर्घटना सिमली बाईपास के पास उस समय हुई जब एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस वाहन में चार कांवड़िए सवार थे, जो हरिद्वार से महेंद्रगढ़ (हरियाणा) की ओर जा रहे थे।
थाना प्रभारी जयवीर सिंह भाटी के अनुसार, इस हादसे में 28 वर्षीय अमित नामक कांवड़िए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
दूसरी घटना: अज्ञात वाहन की टक्कर से कांवड़िए की मौत
दूसरी घटना दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंचेंडा पुल के पास हुई, जहां 35 वर्षीय विक्की, निवासी नजफगढ़ (दिल्ली), बेहोशी की हालत में मिला।
थाना प्रभारी दिनेश चंद बघेल ने बताया कि विक्की को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आशंका है कि उसे किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
कांवड़ यात्रा मार्ग पर नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने के मामले में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी रविवार शाम सिविल लाइंस इलाके से हुई।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 19,450 रुपये नकद और प्रतिबंधित नशीली सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार युवकों की पहचान वैभव, गुलशन कुमार और कृष्ण कुमार के रूप में हुई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
सर्किल ऑफिसर राजू कुमार साब ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ये लोग किन-किन स्थानों पर नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे और इनका नेटवर्क कितना फैला हुआ है।
निष्कर्ष: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल
मुजफ्फरनगर में हुए ये हादसे और नशे की गिरफ्तारी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। हर वर्ष लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लाकर अपने गांव या शहर के शिव मंदिरों में जल चढ़ाते हैं।
ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह कांवड़ियों की यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और संयमित बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए। पुलिस की सतर्कता से नशीले पदार्थों की तस्करी का भंडाफोड़ जरूर हुआ, लेकिन दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए और प्रयास किए जाने की जरूरत है।
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