मैहर, मध्य प्रदेश। मैहर के अलाउद्दीन तिराहा पर शुक्रवार को कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक भयानक हादसा हुआ। प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन करते समय आग फैल गई और ड्यूटी पर तैनात यातायात प्रभारी विक्रम पाठक की वर्दी में आग लग गई। उन्हें गंभीर रूप से झुलसने के बाद तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रदर्शन के दौरान हुआ हादसा
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश सरकार के मंत्रियों राजेंद्र शुक्ल, विजय शाह और कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन कर रहे थे। इसी दौरान पुतले में आग लगाई गई, और कथित तौर पर पेट्रोल के छींटे यातायात प्रभारी विक्रम पाठक की वर्दी पर पड़ गए।
वीडियो फुटेज में देखा गया कि आग फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी की पीठ और शरीर के निचले हिस्से में आग लग गई। पास मौजूद पुलिसकर्मियों और नागरिकों ने कंबल और पानी की मदद से आग को काबू में किया।
अस्पताल में उपचार और हालत
घायल अधिकारी को तुरंत मैहर सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, विक्रम पाठक काफी हद तक झुलस गए हैं, लेकिन फिलहाल उनकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर है।
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि शरीर के प्रभावित हिस्सों का तुरंत प्राथमिक उपचार किया गया और अब उनकी निगरानी में रखे गए हैं।
पुलिस प्रशासन में जांच और सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद पुलिस प्रशासन में भारी रोष है। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच के आदेश दिए हैं। विशेष रूप से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पुतला दहन के दौरान ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग किस प्रकार हुआ और क्या यह कोई सोची-समझी साजिश थी।
शहर में तनाव की स्थिति को देखते हुए अलाउद्दीन तिराहा और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
हादसे से उत्पन्न स्थिति और सुरक्षा सवाल
इस हादसे ने सार्वजनिक प्रदर्शन और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुतला दहन जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय अपनाना आवश्यक है।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि अब आगे से प्रदर्शन स्थलों पर आग बुझाने वाले उपकरण और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए जाएंगे। साथ ही, प्रदर्शन से पहले ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग की अनुमति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिक और प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोग हादसे से सदमे में हैं। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा इंतजाम बेहतर होते तो अधिकारी को इस तरह के खतरे का सामना नहीं करना पड़ता।
प्रदर्शनकारियों ने भी कहा कि उनका उद्देश्य शांति और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना था। हादसा अनजाने में हुआ और किसी को नुकसान नहीं पहुँचाना था।
निष्कर्ष
मैहर के अलाउद्दीन तिराहा पर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन से हुए इस हादसे ने सुरक्षा की महत्वपूर्णता को रेखांकित किया है। यातायात प्रभारी विक्रम पाठक की गंभीर स्थिति के बावजूद उनकी जान बच गई। पुलिस प्रशासन अब भविष्य में ऐसे आयोजनों की सुरक्षा और ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करेगा।