म्यांमार के ‘जामताड़ा’ पर चीन-थाईलैंड-म्यांमार की बड़ी कार्रवाई, सैकड़ों साइबर ठगी अड्डे ध्वस्त

म्यांमार के ‘जामताड़ा’ पर चीन-थाईलैंड-म्यांमार की बड़ी कार्रवाई

ऑनलाइन जुआ और साइबर फ्रॉड के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन

चीन, म्यांमार और थाईलैंड ने साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन जुए के खिलाफ मिलकर बड़ी कार्रवाई की है। इस संयुक्त ऑपरेशन में म्यांमार के म्यावद्दी इलाके में स्थित कुख्यात जुआ और धोखाधड़ी केंद्रों को निशाना बनाया गया। इस क्षेत्र की तुलना अक्सर भारत के झारखंड स्थित ‘जामताड़ा’ से की जाती रही है, जो कभी साइबर ठगी का बड़ा केंद्र माना जाता था।


454 से ज्यादा इमारतें गिराई गईं

तीनों देशों की एजेंसियों ने म्यावद्दी क्षेत्र में स्थित केके पार्क और याताई न्यू सिटी में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। 16 से 19 दिसंबर के बीच चले इस अभियान में कुल 454 इमारतों को ध्वस्त किया गया, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन जुआ, टेलीकॉम फ्रॉड और साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था।

इसके अलावा, याताई न्यू सिटी में मौजूद फ्रॉड से जुड़े पूरे इलाके को पूरी तरह साफ कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह इलाका लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों का अड्डा बना हुआ था।


सैकड़ों चीनी नागरिक डिपोर्ट

चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान 952 चीनी नागरिकों को गिरफ्तार कर चीन वापस भेजा गया। ये सभी लोग ऑनलाइन जुआ और टेलीकॉम धोखाधड़ी से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं।

चीन के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल म्यावद्दी क्षेत्र से अब तक 7,600 से अधिक चीनी नागरिकों को वापस लाया जा चुका है, जो किसी न किसी रूप में साइबर अपराधों में शामिल थे।


तीनों देशों का समन्वित प्रयास

इस अभियान को सफल बनाने के लिए चीन के पब्लिक सिक्योरिटी विभाग ने एक विशेष टास्क फोर्स भेजी थी। यह टास्क फोर्स म्यांमार और थाईलैंड की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर कार्रवाई में शामिल रही।

तीनों देशों ने पहले ही टेलीकॉम और ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने के लिए एक मंत्रिस्तरीय समन्वय तंत्र बनाया था। इसके तहत कई दौर की संयुक्त कार्रवाइयों की योजना बनाई गई थी।


पहले निरीक्षण, फिर सख्त एक्शन

15 दिसंबर को तीनों देशों की पुलिस ने केके पार्क, याताई न्यू सिटी और अन्य बड़े जुआ-धोखाधड़ी क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया। इसके बाद 16 दिसंबर से 19 दिसंबर तक निर्णायक कार्रवाई की गई, जिसमें साइबर फ्रॉड के पूरे ढांचे को तोड़ दिया गया।

चीन के जिलिन और हेनान प्रांतों की पुलिस इकाइयों को गिरफ्तार संदिग्धों को चीन लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।


चीन का बयान: अंतरराष्ट्रीय चुनौती है साइबर फ्रॉड

चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि टेलीकॉम और ऑनलाइन धोखाधड़ी सिर्फ किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक साझा चुनौती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की संयुक्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी।


निष्कर्ष

म्यांमार के म्यावद्दी इलाके में की गई यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ा कदम मानी जा रही है। चीन, म्यांमार और थाईलैंड का यह साझा अभियान दिखाता है कि सीमापार अपराधों से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग कितना जरूरी है। इस ऑपरेशन से ऑनलाइन जुआ और साइबर ठगी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

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