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राजस्थान दौसा में सड़क हादसा: खाटूश्यामजी से लौटते श्रद्धालुओं की कार ट्रक से टकराई, 7 बच्चों समेत 11 की मौत

राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा

दौसा में बड़ा सड़क हादसा

राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। खाटूश्यामजी मंदिर के दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालुओं की कार एक पिकअप ट्रक से टकरा गई, जिससे 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 7 बच्चे, 3 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। हादसा बापी क्षेत्र के पास हुआ।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु खाटूश्यामजी मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी कार खड़े ट्रेलर ट्रक से जोरदार टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। पुलिस ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक और व्यक्ति की मौत हो गई।

पुलिस और प्रशासन का बयान

दौसा के उप पुलिस अधीक्षक रवि प्रकाश शर्मा ने बताया,

“बापी के पास एक यात्री पिकअप और ट्रेलर ट्रक के बीच हुई दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है।”

वहीं, पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने कहा,

“खाटूश्यामजी से लौट रहे श्रद्धालुओं के हादसे की सूचना मिली थी। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें से 7-8 को जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया है।”

घायलों का इलाज जारी

दौसा के जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार इस हादसे में 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 9 लोगों को इलाज के लिए रेफर किया गया है। जिला अस्पताल में 3 घायलों का इलाज चल रहा है।

तीन दिन पहले भी हुआ था बड़ा हादसा

इस दर्दनाक घटना से ठीक तीन दिन पहले भी दौसा में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ था। उस हादसे में एक कार और ट्रेलर की टक्कर में 5 लोगों की मौत हुई थी। यह दुर्घटना तब हुई थी जब ट्रेलर अचानक दो हिस्सों में टूट गया और उसका एक हिस्सा कार से टकरा गया। उस समय दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य ने अस्पताल जाते समय दम तोड़ दिया।

स्थानीय लोगों में शोक की लहर

लगातार हो रहे सड़क हादसों से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। गांवों और कस्बों में मृतकों के परिजनों के घर मातम पसरा है। लोग प्रशासन से सड़कों पर खड़े ट्रकों और खराब वाहन प्रबंधन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

सावधानी और सुरक्षा की जरूरत

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क पर खड़े भारी वाहनों के कारण अक्सर हादसे होते हैं। ऐसे वाहनों को बिना चेतावनी संकेत के सड़क किनारे खड़ा करना खतरनाक है। प्रशासन और परिवहन विभाग को इस दिशा में कड़े नियम लागू करने की जरूरत है।


निष्कर्ष
दौसा का यह हादसा न केवल एक बड़ी मानवीय त्रासदी है, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर चेतावनी भी है। प्रशासन, पुलिस और स्थानीय निकायों को मिलकर ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में निर्दोष लोगों की जान न जाए।

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