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राजा रघुवंशी हत्याकांड: पत्नी सोनम और प्रेमी राज समेत 8 पर आरोप तय, परिवार ने फांसी की मांग की

पत्नी सोनम और प्रेमी राज समेत 8 पर आरोप तय

मेघालय का बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस

मेघालय के सोहरा में हुए चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अदालत में 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज सिंह कुशवाहा समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।

किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?

सोहरा उप-मंडल की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक,

फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इन आरोपियों पर सप्लीमेंटरी चार्जशीट भी दायर की जाएगी।

कैसे हुई थी हत्या?

राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 21 मई 2025 को शिलांग पहुंचे थे। यहां से दोनों सोहरा घूमने निकले और 26 मई को लापता हो गए। कई दिनों तक चली तलाशी के बाद, 2 जून को राजा का शव वेई सावडोंग झरने के पास गहरी खाई में मिला।

जांच में सामने आया कि सोनम का लंबे समय से राज कुशवाहा से संबंध था। दोनों ने हनीमून का बहाना बनाकर राजा की हत्या की साजिश रची। 26 मई की रात सोनम की मौजूदगी में राज के तीन साथियों — आकाश सिंह, विशाल सिंह और आनंद कुर्मी ने मिलकर राजा का गला दबाकर हत्या कर दी और शव को खाई में फेंक दिया।

सबूत मिटाने में शामिल अन्य आरोपी

पुलिस के मुताबिक, सबूत नष्ट करने में लोकेंद्र तोमर, बल्ला अहिरवार और शिलोम जेम्स की अहम भूमिका रही। इन्हें ग्वालियर, शादोरा और देवास से गिरफ्तार किया गया।

परिवार की मांग: आरोपियों को फांसी मिले

राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि उनका परिवार SIT की जांच से संतुष्ट है, लेकिन वे अदालत से सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं —

“सोनम और राज कुशवाहा समेत सभी आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए।”

परिवार में दरार और विवाद

जांच के दौरान परिवार में मतभेद भी सामने आए। सोनम का भाई गोविंद 11 जून को राजा के घर पहुंचा और दावा किया कि उनका परिवार सोनम से सारे रिश्ते तोड़ चुका है। लेकिन राजा के भाई विपिन ने आरोप लगाया कि गोविंद ने झूठ बोला और असल में सोनम के बचाव के लिए वकील तक खड़ा कर दिया। इसके बाद राजा का परिवार भी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए वकील की मदद ले रहा है।

पुलिस का दावा: मजबूत सबूत पेश

पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवके सिएम ने बताया कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश थी। SIT ने डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का दावा है कि अदालत में पेश सबूत इतने मजबूत हैं कि आरोपियों के लिए सजा से बचना मुश्किल होगा।

आगे की कार्यवाही

अब यह केस अदालत में ट्रायल के लिए जाएगा। गवाहों के बयान, डिजिटल सबूत और SIT की रिपोर्ट इस मामले के फैसले में अहम भूमिका निभाएंगे। पीड़ित परिवार की फांसी की मांग को देखते हुए यह केस देशभर में सुर्खियों में है।

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