शिलांग की अदालत ने राजा रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार दो सह-आरोपियों लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को जमानत दे दी है। दोनों पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप था, साथ ही पुलिस का मानना है कि लोकेंद्र तोमर ने हत्या के बाद सोनम को छिपाने में मदद की थी, जिससे वह पुलिस की पकड़ से बची रही।
जमानत पर कोर्ट ने सुनाई राहत
लोकेंद्र तोमर और बलबीर अहिरवार की जमानत याचिका की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। आरोपियों के वकील ने कोर्ट को बताया कि दोनों की हत्या में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। उनका जुर्म मुख्य रूप से आरोपी सोनम को शरण देने और साक्ष्यों को छिपाने तक सीमित है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों पर लगी धाराएं जमानती हैं और साजिश में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं है।
पुलिस ने जताया विरोध, कोर्ट ने मानी दलीलें
मेघालय पुलिस ने दोनों आरोपियों की जमानत का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए जमानत मंजूर कर दी। हालांकि जमानत के साथ कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई गई हैं, जिनका आरोपियों को पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान पालन करना होगा।
राजा रघुवंशी हत्याकांड का पूरा मामला
राजा रघुवंशी, जो इंदौर के एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी थे, ने 11 मई 2025 को सोनम से शादी की थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए। लेकिन 23 मई को राजा अचानक लापता हो गए। उनका क्षत-विक्षत शव 2 जून को मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक झरने के पास गहरी खाई से बरामद किया गया था। जांच में पता चला कि राजा की हत्या तीन लोगों ने की थी, जो दो छुरे लेकर आए थे।
आरोपी सोनम ने किया था आत्मसमर्पण
सोनम, जिसे राजा की हत्या में मुख्य आरोपी माना जा रहा है, ने 8 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। उसके साथ-साथ उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह और तीन अन्य दोस्तों विशाल चौहान, आकाश राजपूत, और आनंद कुर्मी को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। ये सभी फिलहाल मेघालय की जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच जारी, परिजन मांग रहे न्याय
मेघालय पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। राजा रघुवंशी के परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और मामले की त्वरित सुनवाई की अपील कर रहे हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि जमानत मिलने के बाद आगे की जांच पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
कोर्ट में आने वाले दिनों में हो सकते हैं नए खुलासे
राजा रघुवंशी हत्याकांड की अगली सुनवाई में मामले से जुड़ी और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। कोर्ट की प्रक्रिया के दौरान यह स्पष्ट होगा कि किन-किन आरोपियों की भूमिका कितनी गंभीर है और न्यायालय किस दिशा में कार्रवाई करेगा।
निष्कर्ष
राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम के दो मददगारों को मिली जमानत से मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। हालांकि कोर्ट ने जांच प्रक्रिया को प्रभावित न करने के लिए कड़ी शर्तें लगाई हैं, लेकिन इस केस की जांच अब भी जारी है। आने वाले दिनों में कोर्ट में इस केस से जुड़ी और भी अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है। परिजन न्याय और त्वरित सुनवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
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