टीम इंडिया के बल्लेबाज रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़
भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता खानचंद्र सिंह का स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया। यह दुखद खबर टी20 वर्ल्ड कप के दौरान सामने आई, जिससे क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, रिंकू सिंह के पिता पिछले कुछ महीनों से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका इलाज ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे खानचंद्र सिंह
खानचंद्र सिंह को स्टेज-4 लिवर कैंसर था। उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। हाल ही में उन्हें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल (ओमेगा-1) में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था और वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्होंने 27 फरवरी की सुबह करीब 5 बजे अंतिम सांस ली। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बीमारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी।
चेन्नई से तुरंत घर लौटे रिंकू सिंह
पिता की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही रिंकू सिंह टीम कैंप छोड़कर चेन्नई से दिल्ली और फिर अपने घर के लिए रवाना हो गए थे। वह परिवार के साथ समय बिताने के लिए कुछ समय तक टीम से दूर रहे।
हालांकि, बाद में वह टीम से दोबारा जुड़ गए थे। इस दौरान वह मानसिक रूप से काफी तनाव में थे। अब पिता के निधन की खबर के बाद वह फिर से अपने परिवार के पास पहुंच गए हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में नहीं मिला मौका
पारिवारिक परिस्थितियों के चलते रिंकू सिंह को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए मैच में अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया था। उनकी जगह संजू सैमसन को मौका मिला।
हालांकि, रिंकू टीम के साथ जुड़े रहे और मैदान पर फील्डिंग करते हुए नजर आए। टीम प्रबंधन ने उनके निजी हालात को देखते हुए उन्हें आराम देने का फैसला किया था।
टी20 वर्ल्ड कप में रिंकू का प्रदर्शन
इस टी20 वर्ल्ड कप में रिंकू सिंह को सीमित मौके मिले। बल्लेबाजी क्रम में नीचे होने के कारण उन्हें ज्यादा गेंदें खेलने का अवसर नहीं मिला।
अब तक खेले गए मुकाबलों में उनका प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
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अमेरिका के खिलाफ कम रन बनाकर आउट हुए
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नामीबिया के खिलाफ भी सिंगल डिजिट पर पवेलियन लौटे
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पाकिस्तान के खिलाफ 4 गेंदों में नाबाद 11 रन बनाकर तेज पारी खेली
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नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंदों में 6 रन बनाए
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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खाता नहीं खोल सके
कुल मिलाकर उन्होंने पांच पारियों में 29 गेंदों का सामना करते हुए 24 रन बनाए हैं। हालांकि, टीम प्रबंधन और फैंस को उनकी प्रतिभा पर पूरा भरोसा है।
व्यक्तिगत और पेशेवर चुनौती का समय
यह दौर रिंकू सिंह के लिए बेहद कठिन है। एक ओर जहां वह अपने करियर के अहम टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परिवार में शोक का माहौल है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में खिलाड़ी के लिए मानसिक संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता। फिर भी रिंकू सिंह ने अब तक पेशेवर रवैया दिखाया है और टीम के साथ जुड़े रहे हैं।
क्रिकेट जगत में शोक
रिंकू सिंह के पिता के निधन की खबर से खेल जगत में शोक व्यक्त किया जा रहा है। फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और रिंकू व उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं जता रहे हैं।
इस कठिन समय में पूरा देश रिंकू सिंह और उनके परिवार के साथ खड़ा है।