लखनऊ आशियाना हत्याकांड: ‘नीला ड्रम’ केस में पड़ोसियों का दावा—बंदूक के साथ सहज था आरोपी बेटा

‘नीला ड्रम’ केस में पड़ोसियों का दावा—बंदूक के साथ सहज था आरोपी बेटा

राजधानी में सनसनी: पिता की हत्या, घर से मिला शव

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में सामने आए ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। आरोप है कि नीट की तैयारी कर रहे एक युवक ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में शव को काटकर घर में रखे एक नीले ड्रम में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

मृतक की पहचान मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो एक पैथोलॉजी संचालक थे। वे 20 फरवरी से लापता थे। गुमशुदगी की रिपोर्ट भी उनके बेटे ने ही दर्ज कराई थी। चार दिन बाद पुलिस को घर के अंदर से ड्रम में बंद शव मिला।

पड़ोसियों का चौंकाने वाला दावा

जांच के बीच पड़ोसियों ने आरोपी बेटे अक्षत को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनका कहना है कि अक्षत अक्सर अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक लेकर घर में घूमता था। कई बार वह बंदूक की सफाई करता और उसके अलग-अलग हिस्सों को खोलकर दोबारा जोड़ता था।

कुछ लोगों का यह भी कहना है कि वह कभी-कभी कार में बंदूक लेकर बाहर जाता था। हालांकि किसी ने उसे गोली चलाते नहीं देखा, लेकिन मोहल्ले में यह चर्चा थी कि वह हथियार के इस्तेमाल में सहज था। इसी वजह से बच्चे भी उससे दूरी बनाकर रखते थे।

गुमशुदगी की रिपोर्ट भी बेटे ने ही लिखवाई

पुलिस के मुताबिक, 20 फरवरी को अक्षत ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसके पिता सुबह करीब 6 बजे दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे और अगले दिन लौटने वाले थे। इसके बाद उनके मोबाइल फोन बंद हो गए।

पुलिस ने कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की तो आखिरी लोकेशन काकोरी क्षेत्र में मिली। हालांकि वहां कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इस बीच पुलिस को बेटे के बयानों में विरोधाभास नजर आया, जिससे शक गहराने लगा।

पूछताछ में बदले बयान, फिर किया कथित कबूलनामा

जांच के दौरान अक्षत ने कई बार अपने बयान बदले। पहले उसने आत्महत्या की बात कही, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने कथित रूप से हत्या की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता-पुत्र के बीच पढ़ाई और करियर को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर अक्षत ने लाइसेंसी बंदूक से पिता के सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि उसने शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर एक कमरे में रखा और उसे टुकड़ों में काट दिया। कुछ हिस्सों को कार में ले जाकर सदरौना इलाके में फेंकने की बात सामने आई है। बाकी हिस्सों को घर के अंदर एक नीले ड्रम में छिपा दिया गया।

पुलिस जब आरोपी को लेकर घर पहुंची तो कमरे से ड्रम में बंद शव बरामद हुआ। फॉरेंसिक टीम ने मौके से खून के नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कार की सफाई भी की थी।

परिवार की पृष्ठभूमि

मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन जिले के रहने वाले थे। उनके पिता सुरेंद्र पाल सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। मानवेंद्र की पत्नी का एक वर्ष पहले निधन हो चुका था। परिवार में बेटा अक्षत और 11वीं में पढ़ने वाली बेटी है। मानवेंद्र का छोटा भाई भी उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत है।

गोली चलने की आवाज के बाद बेटी नीचे आई थी, लेकिन पुलिस के अनुसार वह डर गई और किसी को कुछ नहीं बताया।

जांच जारी, कई सवाल बाकी

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि घटना आवेश में हुई या इसके पीछे कोई पूर्व योजना थी।

लखनऊ का यह मामला पारिवारिक तनाव, पढ़ाई के दबाव और संवाद की कमी जैसे गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

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