आशियाना में सनसनी: ड्रम से मिला लापता पैथोलॉजी संचालक का शव
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां लापता पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह का शव उनके ही घर के अंदर एक नीले ड्रम में बरामद हुआ। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
मानवेंद्र सिंह, जो वर्धमान पैथोलॉजी के संचालक थे, 20 फरवरी से लापता थे। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई गई थी। चार दिन तक कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन सोमवार को सेक्टर एल स्थित मकान नंबर 91 से ड्रम के अंदर शव मिलने के बाद मामला हत्या में बदल गया।
पढ़ाई और करियर को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाले दिन सुबह करीब 4:30 बजे पिता और बेटे के बीच पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि पिता बेटे पर पढ़ाई का दबाव बना रहे थे। इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गुस्से में पिता ने अपनी लाइसेंसी राइफल निकाली और बेटे को डराने की कोशिश की। हालांकि, जब बेटे ने शांत रहने का भरोसा दिया तो पिता ने राइफल एक तरफ रख दी। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान बेटे ने राइफल उठाई और पिता के सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गोली की आवाज सुनकर नीचे आई बहन
गोली चलने की आवाज सुनकर घर में मौजूद 16 वर्षीय बेटी नीचे आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेटे ने बहन को धमकाया और चुप रहने के लिए कहा। डर के कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया। इस बीच, घर के अंदर ही पूरी घटना को छिपाने की कोशिश की गई।
सबूत मिटाने की कोशिश, शव के किए टुकड़े
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की योजना बनाई। उसने कथित रूप से शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर एक खाली कमरे में रखा। आरोप है कि शव को काटकर उसके टुकड़े किए गए और कुछ हिस्सों को अलग-अलग स्थानों पर फेंकने की कोशिश की गई। शरीर का बाकी हिस्सा घर में रखे ड्रम में छिपा दिया गया।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि जांच के दौरान मृतक के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (लगभग 19 वर्ष) से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने कथित रूप से स्वीकार किया कि विवाद के बाद उसने आवेश में आकर पिता को गोली मारी।
पड़ोसियों को हुआ शक, ऐसे खुला राज
जब मानवेंद्र सिंह कई दिनों तक नजर नहीं आए तो पड़ोसियों को शक हुआ। पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वे लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। बाद में पुलिस से संपर्क किया गया। शुरुआत में बेटे ने कहा कि उसके पिता ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया और पूरी घटना सामने आई।
पुलिस ने घर से राइफल, ड्रम और अन्य सामान को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।
क्या यह आवेश में किया गया अपराध था?
इस मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह केवल अचानक हुए विवाद का परिणाम था या इसके पीछे कोई पूर्व योजना थी। पुलिस आसपास के लोगों, रिश्तेदारों और अन्य संभावित कड़ियों से पूछताछ कर रही है।
फिलहाल आरोपी बेटे को हिरासत में लिया गया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के समय और कारण को लेकर और स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
इलाके में शोक और सदमा
इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पढ़ाई के दबाव और पारिवारिक तनाव जैसे मुद्दों पर भी अब चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी।
लखनऊ का यह ‘नीला ड्रम कांड’ रिश्तों में बढ़ते तनाव और संवाद की कमी की एक भयावह तस्वीर पेश करता है।

