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लखनऊ में ड्रग्स का बड़ा जखीरा बरामद, 10 करोड़ की नशीली दवाएं जब्त

यूपी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ड्रग तस्करों का किया भंडाफोड़

यूपी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ड्रग तस्करों का किया भंडाफोड़, महिला समेत चार गिरफ्तार

लखनऊ में उत्तर प्रदेश की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों के गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है, और उनके पास से 10.29 करोड़ रुपये से अधिक की नशीली दवाएं बरामद की हैं। जब्त किए गए ड्रग्स में मॉर्फीन, एमडीएमए, चरस और गांजा शामिल हैं।

खुफिया सूचना पर कार्रवाई, 10 करोड़ की ड्रग्स जब्त

उत्तर प्रदेश की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने रविवार रात लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के गौघाट इलाके में एक विशेष ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई के तहत चार अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक महिला और तीन पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की हैं, जिनकी कीमत करीब 10.29 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारियां

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयुष निषाद (20), श्रवण कुमार निषाद (65), सुफियान (20), और नेहा निषाद (24) के रूप में हुई है। सभी आरोपी लखनऊ के गौघाट और वज़ीरबाग इलाके के निवासी हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण और IG (ANTF) अब्दुल हमीद के दिशा-निर्देशों पर यह ऑपरेशन चलाया गया।

बरामद ड्रग्स और अन्य सामग्री

पुलिस ने आरोपियों के पास से विभिन्न नशीली दवाओं का एक बड़ा जखीरा बरामद किया। इनमें शामिल हैं:

  • 1 किलो मॉर्फीन
  • 252 ग्राम चरस
  • 5.5 किलो गांजा
  • 6 ग्राम एमडीएमए (जिसे आमतौर पर ‘MD’ कहा जाता है)
  • 79,530 रुपये नकद
  • 100 यूरो का नोट
  • चार मोबाइल फोन
  • एक कार

तस्करी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ड्रग्स

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह कबूल किया कि वे लंबे समय से इन नशीली दवाओं की तस्करी कर रहे थे। उनका कहना था कि वे मॉर्फीन, चरस, गांजा और एमडीएमए जैसी महंगी नशीली दवाओं को ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाते थे। पुलिस ने इस गिरोह के नेटवर्क और ड्रग सप्लाई चेन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है।

आरोपियों पर कार्रवाई और कानून की प्रक्रिया

वर्तमान में, सभी आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनसे कड़ी पूछताछ जारी है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और उनकी ड्रग सप्लाई चेन का स्रोत क्या है।

हालिया छापेमारी और कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में नारकोटिक्स विभाग ने लखनऊ से 5,000 से ज्यादा नशीली सीरप की बोतलें जब्त की थीं, और गाजीपुर से कार की सीट में छिपा 43 किलो गांजा बरामद किया था। इस प्रकार की छापेमारी और ड्रग्स के जखीरे की बरामदगी से यह साफ हो जाता है कि उत्तर प्रदेश में नशे की तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।

निष्कर्ष: ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कदम

उत्तर प्रदेश पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की यह कार्रवाई ड्रग तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इस तरह के तस्करी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन अब राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को नशा मुक्त समाज की ओर बढ़ने के लिए और कड़ी कार्यवाही करनी होगी।

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