मुंबई में गणेश चतुर्थी का सबसे बड़ा आकर्षण
गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन मुंबई का लालबागचा राजा हर बार की तरह इस बार भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गणेशोत्सव के पहले ही दिन सुबह-सुबह हजारों भक्त मंदिर परिसर में दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
इस बार की खासियत यह है कि लालबागचा राजा की प्रतिमा को तिरुपति बालाजी की थीम पर सजाया गया है। इस अद्भुत झांकी ने भक्तों का मन मोह लिया है और लोग दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं।
श्रद्धालुओं में उमंग और आस्था
भक्तों की कतारें सुबह से ही मंदिर परिसर के बाहर लगनी शुरू हो गई थीं। श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया’ के जयकारों के साथ मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं। कोई अपने परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना कर रहा है तो कोई व्यापार और करियर में सफलता की कामना कर रहा है।
भव्य सजावट और दिव्य वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान कर रहा है। बहुत से लोग इस अनोखी प्रतिमा के साथ तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं
गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा—
“आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति से भरा यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और स्वास्थ्य लेकर आए।”
पीएम के संदेश ने भक्तों में उत्साह और बढ़ा दिया है।
भव्य सजावट से सजा पांडाल
लालबागचा राजा की प्रतिमा इस साल और भी भव्य दिखाई दे रही है। भगवान गणेश को सोने और रंग-बिरंगी सजावट से अलंकृत किया गया है। उनके चारों ओर फूलों की विशाल झांकी और नक्काशीदार दीवारें बनाई गई हैं, जो पांडाल को और भी दिव्य बना रही हैं।
ऊपर से लटकी हुई फूलों की आकृति और बिजली की रोशनी माहौल को मनमोहक बना रही है। भक्त जब प्रतिमा के दर्शन करते हैं तो उनकी आंखें भक्ति और आनंद से भर जाती हैं।
6 सितंबर तक चलेगा उत्सव
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल द्वारा आयोजित यह उत्सव 1934 से लगातार मनाया जा रहा है। इसे ‘नवसाचा गणपति’ भी कहा जाता है क्योंकि भक्त यहां अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं।
इस साल यह 92वां गणेशोत्सव है, जो 27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर तक चलेगा। इन 11 दिनों तक सुबह-शाम पूजा-अर्चना, आरती और भजन-संकीर्तन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम
हर साल लाखों लोग लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा जांच, मेडिकल सहायता और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो।
आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व
लालबागचा राजा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह मुंबई की सांस्कृतिक पहचान भी बन चुका है। गणेशोत्सव के दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे स्थानीय कारोबार, फूल-फल विक्रेताओं और सजावट का व्यवसाय भी तेजी पकड़ लेता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गणेश चतुर्थी जैसे उत्सव भारत की धार्मिक एकता और सांस्कृतिक विविधता को मजबूत करते हैं।
निष्कर्ष
लालबागचा राजा 2025 इस बार तिरुपति बालाजी की थीम में भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। भव्य प्रतिमा, दिव्य सजावट और भक्तों का उत्साह इसे और भी खास बना रहा है।
गणेश चतुर्थी का यह पर्व न केवल धार्मिक विश्वास का प्रतीक है, बल्कि समाज में आस्था, एकता और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का भी माध्यम है। 6 सितंबर तक चलने वाले इस उत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे और भगवान गणेश से अपने जीवन की मंगलकामना करेंगे।
One thought on “लालबागचा राजा 2025: तिरुपति बालाजी की थीम में सजे गणपति, भक्तों की उमड़ी भारी भीड़”