विम्बलडन 2025: जैनिक सिनर ने हराया कार्लोस अल्कारेज, फ्रेंच ओपन की हार का लिया बदला

जैनिक सिनर ने हराया कार्लोस अल्कारेज, फ्रेंच ओपन की हार का लिया बदला

जैनिक सिनर बने विम्बलडन चैम्पियन, अल्कारेज को हराकर लिया फ्रेंच ओपन का बदला

इटली के टेनिस स्टार जैनिक सिनर ने रविवार को विम्बलडन 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। उन्होंने फाइनल में स्पेन के नंबर 1 खिलाड़ी कार्लोस अल्कारेज को हराकर न केवल विम्बलडन का खिताब अपने नाम किया, बल्कि फ्रेंच ओपन में मिली हार का भी बदला लिया। इस रोमांचक मुकाबले में सिनर ने अल्कारेज को 4-6, 6-4, 6-4, 6-4 से हराया और तीन घंटे चार मिनट तक चले इस फाइनल को अपने नाम किया।

पहले सेट में अल्कारेज की बढ़त

फाइनल की शुरुआत में अल्कारेज ने दमदार खेल दिखाया और पहले सेट में सिनर को 6-4 से हराकर बढ़त बना ली। सिनर ने शुरुआत में कुछ गलतियां कीं, लेकिन जल्द ही वापसी करते हुए सेट में दबाव बनाने की कोशिश की। अल्कारेज ने सिनर की 13 अनफोर्स्ड गलतियों का फायदा उठाया और पहले सेट को जीतकर मैच में 1-0 की बढ़त बना ली।

दूसरे सेट में सिनर की वापसी

दूसरे सेट में सिनर ने शानदार वापसी की और शुरुआती ब्रेक लेकर 1-0 की बढ़त बना ली। इस बार, उन्होंने अल्कारेज को दबाव में रखा और अपनी बढ़त को मजबूती से बनाए रखा। अल्कारेज ने एक बार फिर ब्रेक पाने की कोशिश की, लेकिन सिनर ने अपनी बढ़त को बरकरार रखते हुए 6-4 से सेट जीत लिया और मैच 1-1 से बराबरी पर ला दिया। अल्कारेज के चार डबल फॉल्ट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं।

तीसरे सेट में सिनर का दबदबा

तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। जब ऐसा लग रहा था कि सेट टाई-ब्रेकर की ओर बढ़ रहा है, सिनर ने अल्कारेज की सर्विस ब्रेक की और 5-4 की बढ़त बना ली। फिर, सिनर ने दो सेट पॉइंट्स हासिल किए और पहले सेट पॉइंट को बदलते हुए तीसरा सेट 6-4 से जीत लिया। इस सेट में उन्होंने 15 विनर्स और 7 ऐस लगाए, जो उनकी जीत की कुंजी साबित हुई।

चौथे सेट में सिनर की निर्णायक जीत

चौथे सेट में पहुंचते-पहुंचते, अल्कारेज ने अपने फ्रेंच ओपन के प्रदर्शन को याद किया और दो सेट जीतने की कोशिश की। हालांकि, सिनर ने इस बार पूरी तरह से अपनी गलतियों से सबक लेते हुए अल्कारेज को कोई मौका नहीं दिया। सिनर ने शुरुआत में ही ब्रेक हासिल किया और 2-1 की बढ़त बना ली। फिर, उन्होंने अपनी बढ़त 3-1 तक बढ़ाई। अल्कारेज को 3-4, 40-15 के स्कोर पर वापसी करने के दो मौके मिले, लेकिन वह इन मौके को भुना नहीं पाए। इसके बाद, सिनर ने शानदार खेल दिखाते हुए ब्रेक हासिल किया और मैच को अपनी नाम किया।

विम्बलडन जीतने पर सिनर का बयान

विम्बलडन जीतने के बाद जैनिक सिनर ने कहा, “यह मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है। मैंने फ्रेंच ओपन में जो गलतियां की थीं, उनसे सबक लिया और इस बार न केवल अपनी तकनीक बल्कि मानसिक मजबूती के साथ खेला। यह जीत न सिर्फ मेरे लिए, बल्कि मेरे देश और मेरे परिवार के लिए भी बहुत मायने रखती है।”

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अल्कारेज की हार और भविष्य

इस हार के बाद, कार्लोस अल्कारेज ने कहा, “मैंने अच्छा खेला, लेकिन सिनर ने जिस तरह से दबाव बनाए रखा और खेल को नियंत्रित किया, वह काबिले तारीफ है। वह एक मजबूत खिलाड़ी हैं और उन्होंने सही मौके पर अच्छा प्रदर्शन किया। अब मैं अपनी गलतियों पर ध्यान देकर और बेहतर करने की कोशिश करूंगा।”

निष्कर्ष

जैनिक सिनर की यह जीत न केवल उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है, बल्कि उन्होंने फ्रेंच ओपन में मिली हार का भी बदला ले लिया। अब वह विम्बलडन के नए चैम्पियन बन गए हैं, और उनका ये सफर सभी टेनिस प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। आने वाले वर्षों में उनके खेल से और भी बड़े उन्नति की उम्मीद की जा सकती है।

 

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